Kerala opinion poll: एलडीएफ, यूडीएफ या एनडीए? Vote Vibe के सर्वे में जनता ने बता दिया कि वो किसे बनाना चाहती है अगला CM
kerala assembly election 2026: केरल विधानसभा चुनाव से पहले आए वोट वाइब ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन जनता की पहली पसंद बनकर सामने आए हैं. सर्वे के मुताबिक पिनराई विजयन दूसरे नंबर पर हैं, जिससे साफ है कि इस बार केरल में सत्ता की लड़ाई काफी कड़ी होने वाली है.

Kerala opinion poll: केरल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी हलचल भी तेज होती जा रही है. राज्य में इस बार मुकाबला सीधा और दिलचस्प माना जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और बीजेपी के एनडीए के बीच त्रिकोणीय कॉन्फल्किट के संकेत मिल रहे हैं. इसी बीच एक ताजा ओपिनियन पोल ने मुख्यमंत्री पद को लेकर जनता की पसंद सामने रख दी है.
'वोट वाइब' के ताजा सर्वे में केरल के लोगों से सीधा सवाल पूछा गया था कि वे अगले मुख्यमंत्री के रूप में किस नेता को देखना चाहते हैं. सर्वे के नतीजे यह बताते हैं कि फिलहाल इस रेस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन सबसे आगे चल रहे हैं. करीब 22.4 फीसदी लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया है. यह आंकड़ा कांग्रेस के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है.
वहीं मौजूदा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन जो एलडीएफ का चेहरा हैं, 18 फीसदी समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर हैं. यानी सत्ता में होने के बावजूद इस बार मुकाबला उनके लिए आसान नहीं दिख रहा. एलडीएफ खेमे से ही सीपीआई की नेता के.के. शैलजा को भी अच्छी खासी लोकप्रियता मिली है. सर्वे में 16.9 प्रतिशत लोगों ने उन्हें सीएम के तौर पर पसंद किया है.
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राजीव चंद्रशेखर को भी लोगों को समर्थन
बीजेपी की ओर से राजीव चंद्रशेखर इस दौड़ में मजबूती से नजर आए हैं. 14.7 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलना यह दिखाता है कि एनडीए भी केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर को 9.8 फीसदी और के.सी. वेणुगोपाल को 6.4 फीसदी लोगों की पसंद मिली है.
कांग्रेस के अंदर कौन भारी?
अगर सिर्फ कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री चेहरे की बात करें तो तस्वीर काफी हद तक साफ नजर आती है. वी.डी. सतीशन पार्टी के भीतर सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. उनके बाद शशि थरूर और फिर के.सी. वेणुगोपाल का नाम आता है. सर्वे इशारा कर रहा है कि अगर कांग्रेस इनमें से किसी चेहरे को आगे बढ़ाती है, तो पार्टी की वापसी की राह आसान हो सकती है.

क्या है केरल विधानसभा का समीकरण?
विधानसभा समीकरण की बात करें तो केरल में कुल 140 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का आंकड़ा पार करना जरूरी होता है. फिलहाल एलडीएफ के पास लगभग 97 से 98 सीटें हैं और वही सत्ता में है, जबकि यूडीएफ विपक्ष की भूमिका में है. आने वाले चुनाव में कांग्रेस जहां सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है वहीं बीजेपी बड़े बदलाव का दावा कर रही है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता का यह मूड वोटिंग के दिन तक कितना कायम रहता है. फिलहाल ओपिनियन पोल ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि केरल की सियासत इस बार बेहद कड़ा मुकाबला देखने वाली है और मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर लड़ाई पूरी तरह खुली हुई है.
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