एंटी करप्शन इमेज या मास्टर प्लान? चुनाव से पहले अन्ना के मंच वाला विजय थलापति का VIDEO क्यों हो रहा वायरल?
Tamilnadu Election: 15 साल पुराना अन्ना हजारे आंदोलन वाला विजय का वीडियो 2026 तमिलनाडु चुनाव से पहले उनकी एंटी-करप्शन छवि मजबूत करने की रणनीति के तहत वायरल हो रहा है.

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों 15 साल पुराना वीडियो डिजिटल ज्वालामुखी की तरह फटा है. साल 2011 में दिल्ली का रामलीला मैदान और मंच पर अन्ना हजारे और कुमार विश्वास के साथ खड़े सफेद शर्ट में सुपरस्टार थलापति विजय.
ये वीडियो आज क्यों वायरल है? क्योंकि यह महज एक पुरानी याद नहीं, बल्कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (TVK) की एक सोची-समझी 'परसेप्शन बैटल' का हिस्सा है. अगस्त 2011 में जब देश भ्रष्टाचार के खिलाफ 'लोकपाल आंदोलन' की आग में तप रहा था, तब अभिनेता विजय 25 अगस्त को अचानक दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे थे. उन्होंने अन्ना हजारे के साथ मंच साझा किया और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी. वह वीडियो आज फिर से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है तब तमिलनाडु से अकेले विजय थे जो अन्ना के एंटी करप्शन आंदोलन में शामिल हुए थे.
अगस्त 2011 में जब देश 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' के नारे से गूंज रहा था, तब विजय का दिल्ली जाना कोई सामान्य घटना नहीं थी. तब अन्ना हजारे ने करप्शन के खिलाफ जनलोकपाल कानून के लिए अनशन किया था. उनका आंदोलन कांग्रेस के खिलाफ माना गया जिसका फायदा बीजेपी और अरविंद केजरीवाल ने उठाया. 2011 में अन्ना हजार के आंदोलन के साथ बहुत कुछ जुड़ता गया जिसमें 2014 के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा धक्का देकर सत्ता से निकाल दिया. विजय ने उस समय अन्ना हजारे के मंच पर आकर कहा था-मैं यहां एक प्रशंसक और एक भारतीय नागरिक के रूप में आया हूं.
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विजय बन चुके हैं पॉलिटिशियन
विजय के समर्थक इस फुटेज को इसलिए वायरल कर रहे हैं ताकि ये साबित किया जा सके कि विजय का भ्रष्टाचार विरोधी स्टैंड 'चुनावी जुमला' नहीं है. वो खुद को अन्ना हजारे के उस प्योर आंदोलन का उत्तराधिकारी बता रहे हैं, जिसने कभी दिल्ली में कांग्रेस की सत्ता हिला दी थी. एक्टिंग छोड़कर विजय अब फुल टाइम पॉलिटिशियन बन चुके हैं. उनकी टीम ये साबित करने में जुटी में है कि राजनीति में आना कोई 'फिल्मी स्टंट' नहीं, बल्कि उनकी विचारधारा 15 साल पुरानी है. जनता के मन में यह बात बैठ जाए कि विजय राजनीति में अचानक नहीं आए, वो 15 साल पहले भी भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर थे.
यह एक सोची-समझी इमेज बिल्डिंग एक्सरसाइज है. अन्ना आंदोलन भारत की राजनीति का 'टर्निंग पॉइंट' था जिससे AAP निकली. विजय के समर्थक ये संदेश दे रहे हैं कि जैसे अन्ना ने दिल्ली बदली वैसे ही विजय तमिलनाडु बदलेंगे. यह एक इमोशनल कनेक्ट बनाने की कोशिश है.
भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात की
क्या अन्ना हजारे के साथ खड़ा होना विजय की पहली राजनीतिक पाठशाला थी, जहां उन्होंने सीखा कि करप्शन के खिलाफ लहर कैसे पैदा की जाती है. जब पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के साथ खड़ा था, तब दक्षिण से एक सुपरस्टार चुपचाप दिल्ली पहुंचा. विजय ने वहां न केवल अन्ना को समर्थन दिया, बल्कि मंच से भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात की. तब विजय के राजनीति में आने की चर्चा हुई थी. आज जब विजय TVK के जरिए भ्रष्टाचार को तमिलनाडु का सबसे बड़ा मुद्दा बना रहे हैं, तो उनके समर्थक इन तस्वीरों को दिखाकर यह साबित कर रहे हैं कि विजय का एंटी करप्शन स्टैंड कितने साल पुराना है. कहानी में एक और ट्विस्ट है.
ये बेहद इंटरेस्टिंग था कि अन्ना आंदोलन से ठीक दो साल पहले, 2009 में विजय ने राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी. तब यूपीए की सरकार थी और राहुल गांधी पावरफुल नेता थे. विजय के राजनीतिक सफर में राहुल गांधी का अध्याय सबसे दिलचस्प और कम चर्चा में रहा. विजय ने राष्ट्रीय राजनीति को करीब से देखा और सीखा, लेकिन अंत में उन्होंने खुद का रास्ता, 'तमिलगा वेत्री कजगम' टीवीके चुनना बेहतर समझा.
'युवा कांग्रेस' का चेहरा बनने की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उस समय विजय के कांग्रेस में शामिल होने और 'युवा कांग्रेस' का चेहरा बनने की तेज चर्चा हुई. लेकिन न जाने क्या बात हुई कि विजय ने न कांग्रेस जॉइन की, न राजनीति में आए. कहा फिल्मों पर ही फोकस करना है. फिर भी राहुल गांधी के साथ उनके रिश्ते खराब नहीं हुए.
करूर हादसे के बाद राहुल गांधी का विजय को किया गया फोन कॉल और जननायकन रिलीज को फंसाने के खिलाफ राहुल गांधी के आवाज उठाने को इशारा माना जा रहा है कि भविष्य में TVK और कांग्रेस के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' की गुंजाइश बची हुई है, जो DMK के लिए सिरदर्द बन सकता है.
राहुल गांधी के साथ उनके पुराने मधुर संबंध भविष्य में INDIA गठबंधन के लिए तमिलनाडु में नए समीकरण बना सकते हैं, खासकर अगर विजय DMK से दूरी बनाए रखते हैं.
विजय खुद को ऐसे कर रहें पेश
तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से दो ध्रुवों (DMK vs AIADMK) के बीच रही है. अन्ना हजारे के साथ खुद को जोड़कर विजय खुद को एक 'साफ-सुथरे विकल्प' के रूप में पेश कर रहे हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है. विजय के चुनावी एजेंडा में जीरो करप्शन बड़ा मुद्दा है जिसके जरिए वो डीएमके पर निशाना साध रहे हैं. उसी मिशन के मकसद से निकला अन्ना के साथ 15 साल पुराना वायरल फोटो. अन्ना हजारे के जरिए विजय DMK और AIADMK दोनों पर करप्ट होने का ठप्पा लगा रहे हैं. विजय उन युवाओं को अपनी ओर खींच रहे हैं जो पारंपरिक पार्टियों से ऊबकर नए विकल्प की तलाश में हैं. अन्ना आंदोलन ने देश के लाखों युवाओं को प्रेरित किया था. विजय के समर्थक इन वीडियो के जरिए राज्य के नए वोटरों को यह संदेश दे रहे हैं कि उनके नेता में व्यवस्था बदलने का वही पुराना जुनून है. ये नैरेटिव बिल्डिंग का हिस्सा है ताकि विजय को 'पैराशूट लैंडिंग' करने वाला नेता न मानकर एक 'मझा हुआ क्रांतिकारी' माना जाए.
राहुल की नजदीकियों से मिलती है मदद
अन्ना हजारे उन्हें 'ईमानदारी' का कवच देते हैं, वहीं राहुल गांधी से नजदीकियों से कांग्रेस की अघोषित मदद मिलती है. विजय की यात्रा दिखाती है कि वह लंबे समय से राजनीति की 'पिच' तैयार कर रहे थे. सोशल मीडिया पर अन्ना हजारे के साथ विजय की जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वो सिर्फ यादें नहीं बल्कि 2026 का मास्टरप्लान हैं. वायरल फोटो महज पुरानी याद नहीं, बल्कि विजय की राजनीतिक पारी का 'फाउंडेशन स्टोन' है. 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि "थलापति" अब केवल फिल्मों में ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी 'सिस्टम' की सफाई करने के लिए तैयार हैं.
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