टोंक में नरेश मीणा का शक्ति प्रदर्शन, 11 सूत्री मांगों पर सरकार को घेरा, बोले- 'अब आर-पार की जंग'

नरेश मीणा ने टोंक में 11 सूत्री मांगों को लेकर बड़े जन आंदोलन का ऐलान किया है और चेतावनी दी है कि वे उन्हें चुनाव हराने वाले नेताओं से अपना पुराना हिसाब बराबर करेंगे.

राजेश मीणा
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राजस्थान की राजनीति के चर्चित नेता नरेश मीणा एक बार फिर एक्शन मोड में हैं. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. टोंक जिले के कोठड़ी मोड़ पर होने वाले बड़े जन आंदोलन से पहले उन्होंने साफ कर दिया है कि वे उन लोगों को कभी नहीं भूलेंगे जिन्होंने उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया है.

सबका हिसाब होगा, भूलूंगा किसी को नहीं

नरेश मीणा ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा, "मैं तीन चुनाव लड़ा और तीनों में मुझे हराया गया. जिन लोगों ने मुझे अभिमन्यु की तरह राजनीतिक चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश की, उन सबका हिसाब-किताब बराबर रखूंगा. चाहे मैं खुद कुछ न बनूं, लेकिन उन्हें नहीं छोडूंगा". उनका इशारा कांग्रेस और अन्य दलों के उन नेताओं की तरफ था जिन्होंने उनके टिकट कटने या चुनाव हराने में भूमिका निभाई थी.

11 सूत्री मांगों पर आंदोलन

नरेश मीणा ने प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद बताया कि उनकी 11 सूत्री मांगों पर चर्चा हुई है. इनमें समरावता प्रकरण के मुकदमों की वापसी, फसल बीमा, समर्थन मूल्य पर कांटों की व्यवस्था और 14 गांवों को उनियारा से देवली जोड़ने के फैसले को रद्द कर वापस उनियारा में शामिल करना प्रमुख हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो वे जयपुर कूच करेंगे.

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'भगत सिंह सेना' के जरिए शक्ति प्रदर्शन

नरेश मीणा ने अब अपनी 'भगत सिंह सेना' को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि यह संगठन जातियों के नाम पर नहीं, बल्कि शहीद भगत सिंह के आदर्शों पर चलेगा और किसानों व नौजवानों के हक की लड़ाई लड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 2028 के चुनाव में जनता जवाब देगी कि असली 'रोजड़ा' (नुकसान पहुँचाने वाला) कौन है.

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