बिजनौर: महिला वकील के रेस्टोरेंट में 'प्राइवेसी' के नाम पर गंदा खेल, VIP रूम में छेद कर बनाए 200 से ज्यादा अश्लील वीडियो
Bijnor restaurant case: बिजनौर के एक रेस्टोरेंट में कपल्स की प्राइवेसी के नाम पर चोरी-छिपे वीडियो बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने VIP रूम से जुड़े छिपे कैमरा जैसी व्यवस्था का खुलासा करते हुए 200 से अधिक वीडियो बरामद किए हैं. जानिए बिजनौर रेस्टोरेंट वीडियो कांड की पूरी कहानी.

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला अधिवक्ता (वकील) के 'सेंटर पॉइंट' नामक रेस्टोरेंट में कपल्स की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था. रेस्टोरेंट के 'VIP रूम' में आने वाले प्रेमी जोड़ों के चोरी-छिपे वीडियो बनाए जा रहे थे. इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. आइए विस्तार से जानते हैं मामले की पूरी कहानी.
₹2000 में 'VIP प्राइवेसी' की गारंटी और फिर...
जानकारी के मुताबिक, रेस्टोरेंट का स्टाफ यहां आने वाले कपल्स को एक्स्ट्रा चार्ज लेकर प्राइवेसी ऑफर करता था. कपल से पूछा जाता था कि वे सिर्फ खाना खाएंगे या 'वीआईपी सुविधा' लेंगे. इस सुविधा के नाम पर 1500 से 2000 रुपये वसूले जाते थे और फुल प्राइवेसी की गारंटी दी जाती थी.
सोफा, बैनर में छेद और 200 वीडियो का 'खजाना'
पुलिस जांच में पता चला कि रेस्टोरेंट के जीने (सीढ़ियों) के पीछे एक छोटा कमरा बना था जिसे 'वीआईपी रूम' का नाम दिया गया था. इसमें एक सोफा डाला गया था. प्राइवेसी के नाम पर कपल्स को यहां बिठाया जाता था और जीने के पास लगे एक बैनर में छेद करके उनकी रिकॉर्डिंग की जाती थी. पुलिस ने कर्मचारी सत्येंद्र के मोबाइल से 200 से ज्यादा ऐसे वीडियो बरामद किए हैं जो कपल्स के प्राइवेट मूवमेंट्स के थे.
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एक प्रेमी जोड़े के शक ने खोल दी पोल
इस गंदे खेल का खुलासा तब हुआ जब एक प्रेमी जोड़े को रेस्टोरेंट में कुछ संदिग्ध लगा और उन्होंने हंगामा कर दिया. हालांकि, निजता के चलते पीड़ित सामने नहीं आए, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद ही मुकदमा (FIR No. 85/2026) दर्ज किया है. पुलिस ने रेस्टोरेंट को सील कर दिया है और इसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
महिला वकील की सफाई: 'मुझे कुछ नहीं पता'
हैरानी की बात यह है कि रेस्टोरेंट की मालकिन एक महिला वकील हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि वे दिनभर कोर्ट में प्रैक्टिस करती थीं और उनके पीछे कर्मचारी क्या कर रहे थे, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. हालांकि, पुलिस इस दावे पर संदेह जता रही है कि उनकी प्रॉपर्टी पर अलग से कमरा बन गया और उन्हें खबर तक नहीं लगी.










