'ब्राह्मणों के चाणक्य' की सक्रिय राजनीति में वापसी! 84 साल के कलराज मिश्र ने यूजीसी के खिलाफ खोला मोर्चा, बृजभूषण सिंह ने दिया समर्थन
Kalraj Mishra News: 84 साल की उम्र में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने सक्रिय राजनीति में वापसी के संकेत दिए हैं. विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के गठन के बाद उन्होंने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ मोर्चा खोला है. बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन से यूपी की ब्राह्मण राजनीति में हलचल तेज हो गई है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

उत्तर प्रदेश की सियासत में जब भी दिग्गज ब्राह्मण चेहरों का जिक्र होता है, कलराज मिश्र का नाम सबसे ऊपर आता है. 84 साल की उम्र में, जहां अधिकांश राजनेता सक्रिय जीवन को अलविदा कह देते हैं, बीजेपी के इस भीष्म पितामह ने एक बार फिर सियासी मैदान में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है. राजस्थान के राज्यपाल पद से मुक्त होने के बाद कलराज मिश्र ने न केवल विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद जैसा बड़ा संगठन खड़ा किया है, बल्कि अपनी ही सरकार की नीतियों के खिलाफ मुखर होकर यह भी साफ कर दिया है कि वे अभी रिटायर होने के मूड में नहीं हैं. उनके इस नए संगठन और यूजीसी (UGC) के विवादित फैसलों पर उनके सख्त तेवरों ने दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है.
विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद और यूजीसी का विरोध
कलराज मिश्र ने साल 2025 में 'विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद' की स्थापना की. इसके जरिए उन्होंने न केवल ब्राह्मण हितों की बात की, बल्कि यूजीसी (UGC) के नए कानूनों के खिलाफ केंद्र सरकार को खुली चेतावनी भी दी है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि सरकार को इन कानूनों को वापस लेना पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे और उनसे मुलाकात करेंगे.
बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात
कलराज मिश्र की सक्रियता उस वक्त और चर्चा में आ गई जब बाहुबली नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उनसे मुलाकात की. बृजभूषण ने इस मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए बताया कि कलराज मिश्र ने ही उन्हें राजनीति में पहला टिकट दिया था. बृजभूषण ने यूजीसी मामले पर कलराज मिश्र के स्टैंड की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके इस बयान से देश का भला हुआ है.
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'कलराज और कल्याण' की वो मशहूर जोड़ी
कलराज मिश्र की पहचान यूपी में कल्याण सिंह के दौर से रही है. तब 'कलराज और कल्याण' की जोड़ी को ब्राह्मण और ओबीसी गठजोड़ का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता था. कलराज मिश्र बीजेपी के सबसे कम उम्र के राज्यसभा सांसद बनने वाले नेताओं में से एक रहे हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन को बेहद मजबूत किया था.
राज्यपाल से फिर 'जननेता' बनने की राह
2014 में देवरिया से लोकसभा चुनाव जीतने और मोदी सरकार में मंत्री रहने के बाद कलराज मिश्र को राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था. 2024 में राज्यपाल पद से रिटायर होने के बाद लगा था कि वह सक्रिय जीवन से ब्रेक लेंगे, लेकिन 'विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद' के जरिए उन्होंने जता दिया है कि वह अब भी ब्राह्मण राजनीति के केंद्र बने रहना चाहते हैं.
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