कौन था बनारसी यादव? जिसे यूपी STF ने एनकाउंटर में किया ढेर! चोर से बना था प्रोफेशनल सुपारी किलर

Who is Banarasi Yadav: वाराणसी में यूपी एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया है. वह कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या समेत दो दर्जन से अधिक केसों में वांछित था. शातिर अपराधी बनारसी यादव पुलिस से बचने के लिए तकनीक का इस्तेमाल नहीं करता था.

Banarasi Yadav
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Who is Banarasi Yadav: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में STF की कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश बनारसी यादव मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस के अनुसार, वह कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड का मुख्य आरोपी और पेशेवर सुपारी किलर था. उस पर दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे.

STF को खुफिया सूचना मिली थी कि बनारसी यादव इलाके में किसी वारदात की फिराक में है. इनपुट के आधार पर टीम ने चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड के पास घेराबंदी की. पुलिस ने एक संदिग्ध को रोकने की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए. घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. अधिकारियों का कहना है कि वह संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा था और कई मामलों में वांछित था. उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था.

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कौन था बनारसी यादव?

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसका आपराधिक सफर दो दशक से ज्यादा पुराना था. साल 2003 में गाजीपुर के खानपुर थाने के एक चोरी केस में पहली बार जेल गया. जेल में कुख्यात अपराधियों से संपर्क बना और वह धीरे-धीरे संगठित अपराध की दुनिया में उतर गया. समय के साथ वह सुपारी लेकर हत्या करने वालों में गिना जाने लगा.

करीब 23 वर्षों में उस पर तीन हत्याओं और पांच से अधिक हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप रहे. रंगदारी, धमकी और हमलों में भी उसका नाम सामने आता रहा. पुलिस के अनुसार, वह वारदात के बाद तुरंत राज्य छोड़ देता था. मोबाइल फोन और बैंक खातों से दूरी रखता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था.

महेंद्र गौतम हत्याकांड के बाद वह उत्तर प्रदेश से निकलकर मुंबई और कर्नाटक में छिपा रहा. गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदलता रहता था. अब STF और स्थानीय पुलिस उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में संयुक्त कार्रवाई कर रही है.

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