'मंत्र पढ़ने वाले मुंह से किया घिनौना काम', आशुतोष महाराज ने खोली शंकराचार्य के आश्रम की पोल; कोर्ट के आदेश के बाद किए रूह कंपा देने वाले खुलासे

FIR against Shankaracharya: प्रयागराज कोर्ट के आदेश के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आश्रम के भीतर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण, अनैतिक गतिविधियों और फाइव स्टार विलासिता जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. जानें पूरा मामला, कोर्ट आदेश, एफआईआर अपडेट और आरोपों पर विस्तृत रिपोर्ट.

FIR against Shankaracharya
Swami Avimukteshwaranand Saraswati FIR Controversy
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'जो लोग खुद को धर्म का स्तंभ बताते हैं, वे असल में अपराध के स्तंभ बन चुके हैं.' यह तीखा हमला आशुतोष ब्रह्मचारी ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर किया है. आशुतोष महाराज की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रयागराज कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है. इस आदेश के बाद आशुतोष महाराज ने मीडिया के सामने आश्रम के भीतर होने वाले उन काले कारनामों का जिक्र किया, जिसे सुनकर हर कोई दंग है.

20 नाबालिग बच्चों के साथ 'गैंगिक अपराध' और कुकर्म का आरोप

आशुतोष महाराज ने अपनी शिकायत में सबसे गंभीर और रूह कंपा देने वाला आरोप बच्चों के यौन शोषण को लेकर लगाया है. उन्होंने दावा किया कि आश्रम में रहने वाले कम से कम 20 नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म और अनैतिक कृत्य किए गए हैं. आशुतोष ने कोर्ट के बाहर कड़े शब्दों में कहा कि जिस मुंह से ये लोग पवित्र मंत्र पढ़ते थे, उसी मुंह से इन्होंने बच्चों के साथ घिनौना कार्य किया है. उनके मुताबिक, इन मासूम बच्चों को 'गुरु सेवा' के नाम पर डराया और बहलाया जाता था. चूंकि ये बच्चे बहुत छोटे थे और पूरी तरह से शंकराचार्य के संरक्षण में थे, इसलिए वे इस दरिंदगी का विरोध करने की स्थिति में नहीं थे.

आश्रम के भीतर फाइव स्टार अय्याशी और गुप्त कमरों का दावा

आशुतोष महाराज ने अपनी शिकायत में केवल अनैतिक कृत्यों का ही नहीं, बल्कि आश्रम के भीतर छिपी फाइव स्टार विलासिता का भी विस्तार से जिक्र किया है. उन्होंने दावा किया कि आश्रम के भीतर विद्या मठ में एक ऐसा एयर-कंडीशंड कमरा तैयार किया गया है, जो मुकेश अंबानी के घर के कमरों से भी अधिक आलीशान है. इसके अलावा, उन्होंने आश्रम के भीतर एक निजी स्विमिंग पूल होने की बात भी कही है, जहां उनके अनुसार महिलाओं (सखियों) के साथ अमर्यादित और आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित की जाती थीं. आशुतोष का आरोप है कि आश्रम के इन खास हिस्सों को पूरी तरह गुप्त रखा जाता है और वहां केवल चुनिंदा बच्चों और महिलाओं को ही प्रवेश मिलता है.

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कोर्ट के फैसले पर संतोष और "न्याय की पहली जीत"

प्रयागराज की कोर्ट द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आदेश को आशुतोष महाराज ने अपनी लड़ाई की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जीत बताया है. उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय ने उनके द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद ही झूंसी थाने को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है. आशुतोष महाराज ने स्पष्ट किया कि अब वे शांत नहीं बैठेंगे और पुलिस की टीम को स्वयं आश्रम के उन गुप्त कोनों और कमरों तक लेकर जाएंगे, जहां वर्षों से ये कुकर्म छिपे हुए थे. उन्होंने कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब भारतीय संस्कृति को घायल करने वालों का असली स्थान जेल की सलाखों के पीछे होगा.

राजनेताओं को खुली चुनौती और 'सनातन यात्रा' का ऐलान

आशुतोष महाराज ने उन बड़े राजनेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो अब तक शंकराचार्य का बचाव या समर्थन करते आए हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अन्य प्रभावशाली हस्तियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे एक बार मेरे साथ आश्रम चलकर अपनी आंखों से हकीकत देखें कि वहां फाइव स्टार होटल जैसा ढांचा क्यों बनाया गया है. इसके साथ ही, आशुतोष महाराज ने सनातन यात्रा निकालने का ऐलान किया है, जो बनारस के विद्यापीठ आश्रम तक जाएगी. इस यात्रा के दौरान वे जनता और भक्तों के बीच उन सबूतों और तस्वीरों को साझा करेंगे, जो उनके दावों के अनुसार शंकराचार्य के चेहरे से धर्म का नकाब उतारने के लिए पर्याप्त हैं.

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