देहरादून: अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरा जनसैलाब, CBI जांच की मांग तेज, गरामाई प्रदेश की सियासत
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग अब उग्र हो गई है. कहीं खून से राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी जा रही है तो कहीं कलाकार और राजनेता वीआईपी के नाम पर सरकार को घेर रहे हैं. इस बीच आज देहरादून में मामले की सीबीआई जांच के लिए प्रदर्शन किया गया.

Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने की मुहिम अब पूरे प्रदेश में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है. देहरादून से लेकर ऊधम सिंह नगर तक, लोग इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर लामबंद हो गए हैं. इस बीच आज रविवार को राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्षता के लिए इसकी जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए. इस दौरान प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लोग भी शामिल हुए.
आपको बता दें कि उर्मिला सनावार के कथित VIP नाम के खुलासे के बाद से मामला को लेकर लोग, विपक्ष और खुद कुछ बीजेपी के नेता CBI जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच आज देहरादून के परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे.
प्रदर्शनकारियों ने मामले की CBI जांच की मांग करते हुए नारेबाजी की और निष्पक्ष, पारदर्शी जांच की अपील की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब तक की जांच से जनविश्वास बहाल नहीं हो पाया है और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
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UKD के युवा नेता आशीष नेगी ने भाजपा सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि सत्ताधारी दल अंकिता के साथ है या उस रहस्यमयी वीआईपी के साथ? उन्होंने मांग की कि इस मामले में कड़े कदम उठाए जाएं और उस VIP के फोन रिकॉर्ड्स की जांच की जाए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि CBI जांच की मांग पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
यूथ कांग्रेस ने सिर मुंडवाकर दर्ज कराया विरोध
मामले को लेकर आंदोलनकारियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है. यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शुभ चंद ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही दोषियों को सजा नहीं दी और सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की तो कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे. इस बीच ऊधम सिंह नगर के जसपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज किया. यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर इकट्ठा होकर पहले प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और फिर अपना सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया.
इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने अपना खून निकालकर राष्ट्रपति के नाम एक पत्र लिखा. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार इस मामले में शामिल VIP चेहरों को बचाने का काम कर रही है और उन्हें संरक्षण दे रही है.
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कलाकारों ने भी खोला मोर्चा
इन सबके बीच अब अंकिता को न्याय दिलाने की इस जंग में अब उत्तराखंड के कलाकारों ने भी अपनी आवाज बुलंद कर दी है. इसी कड़ी में लोक गायक इंदर आर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर सभी कलाकारों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारत सरकार से कथित VIP के चेहरों को बेनकाब करने और उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. आर्या ने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिसे देखकर आने वाली पीढ़ियां भी ऐसा अपराध करने से पहले दस बार सोचें. गौरतलब है कि अंकिता भंडारी का मामला 2022 में सामने आने के बाद से प्रदेश में गहरे आक्रोश का कारण बना हुआ है.
इनपुट: रमेश चंद्र
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