कोटद्वार: दीपक को मारने पर 2 लाख रुपये इनाम घोषित करने वाला उत्कर्ष सिंह कौन? अब माफी मांगते हुए वीडियो में बताई वजह
Kotdwar shop name dispute: उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के बोर्ड पर ‘बाबा’ नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया धमकी और माफी वीडियो तक पहुंच गया है. जिम संचालक दीपक कुमार को जान से मारने पर 2 लाख इनाम की घोषणा करने वाले आरोपी की पहचान बिहार के यूट्यूबर के रूप में हुई है. मामले में अब आरोपी ने दीपक से मांफी मांगी है.

Kotdwar Shop Name Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के बोर्ड में बाबा नाम काे लेकर हुए विवाद के बाद इन दिनों इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. इस विवाद के दौरान बुर्जग दुकानदार के सपाेर्ट में आए जिम संचालक दीपक कुमार को जान से मारने वाले को 2 लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया था. वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने केस दर्ज कर जारी शुरू की तो आरोपी युवक बिहार का रहने वाला निकला. इस बीच अब उसका माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है.
दरअसल, यह पूरा विवाद कोटद्वार के पटेल मार्ग पर स्थित 30 साल पुरानी एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ था. दुकान के बोर्ड पर 'बाबा' लिखा हुआ था. इस पर आपत्ति जताते हुए पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान में हंगामा किया था. इस दौरान दीपक कुमार ने बुजुर्ग दुकानदार का बचाव किया तभी से ये मामला लगातार गरमाया हुआ है.
पुलिस में दर्ज करवाई गई शिकायत
ताजा घटनाक्रम के अनुसार, दीपक कुमार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि सोशल मीडिया के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें मारने के लिए 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. मामला की गंभीरता को देखते हुए कोटद्वार पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया. दीपक की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. इस दौरान पुलिस की साइबर सेल ने धमकी देने वाले शख्स की कुंडली खंगाली तो वो बिहार का निकला.
यह भी पढ़ें...
कौन धमकी देने वाली शख्स?
आरोपी की पहचान राजा उत्कर्ष के रूप में हुई है. वो एक यूट्यूबर है और फेसबुक के लिए भी कंटेंट बनाता है. बताया जा रहा है कि वो बिहार के मोतीहारी जिले का रहने वाला है. इस मामले में कोटद्वार पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क साधा था. इस बीच अब मामले में उत्कर्ष कुमार सिंह का माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है.
वीडियो बनाने पर क्या कहा?
मामले में जब उत्कर्ष कुमार सिंह से इस वीडियो को लेकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पेज की रीच कुछ कम हो गई थी और इस दाैरान उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दीपक का नाम काफी ट्रेंड कर रहा था. इसी वजह से उन्होंने थोड़ा मसाला जोड़कर दीपक के बारे में वीडियो बना दिया. उत्कर्ष कुमार सिंह आगे कहा कि वे भविष्य में इस तरह का वीडियो दोबारा नहीं बनाएंगे. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, ''सॉरी दीपक भाई, अगर मेरे वीडियो से आपको तकलीफ हुई हो या आपके दिल को ठेस पहुंची हो तो मैं दिल से क्षमा चाहता हूं. आप हमारे भाई समान हैं. मेरी बातों से आपको जो भी ठेस पहुंचा, उसके लिए मैं सच्चे मन से माफी मांगता हूं.''
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक बुजुर्ग की 30 साल पुरानी कपड़े की दुकान है. 26 जनवरी को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने दुकान के बोर्ड पर लिखे 'बाबा' शब्द पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया था. इस दौरान दीपक कुमार वहां बुजुर्ग का बचाव बचाव करने पहुंचे थे. विवाद के बीच जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम मोहम्मद दीपक बता दिया.
इसके बाद उन्होंने वहां से हंगामा करने वाले को भगा दिया गया. दीपक का खुद का नाम मोहम्मद दीपक बताने का वीडियो खूब वायरल हुआ था. इसके बाद दीपक कुमार कुछ हिंदू संगठनों के निशाने पर भी आ गए . एक बार फिर 31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ता उनके जिम का घेराव करने पहुंचे और शहर में खूब बवाल काटा. इसके बाद से अब इलाके में काफी तनाव फैला हुआ है.
यह भी पढ़ें: कोटद्वार के बाबा सेंटर विवाद और दीपक कुमार मामले में नया मोड़, पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने गठित की SIT










