Kotdwar Baba Shop Controversy: कोटद्वार विवाद में नया मोड़, दुकान मालिक के बेटे ने बताई अंदर की बात, कहा- सलाम है...

Kotdwar Baba Shop Controversy: कोटद्वार के बाबा ड्रेस सेंटर का वीडियो वायरल होने के बाद दुकानदार के बेटे शोएब अहमद ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर कुछ लोगों ने दुकान का नाम बदलने की मांग की थी.

कोटद्वार विवाद में नया मोड़
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Kotdwar Baba Dress Centre Controversy: उत्तराखंड के कोटद्वार में स्थित “बाबा ड्रेस सेंटर” का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन हुआ क्या था. अब इस मामले पर दुकान के मालिक वकील अहमद के बेटे शोएब अहमद ने सामने आकर पूरी घटना बताई है.

शोएब के अनुसार यह घटना गणतंत्र दिवस की है. 26 जनवरी को वे अपने पिता के साथ तिरंगा फहराने के बाद घर लौटे ही थे कि कुछ ही देर में चार-पांच लोग उनकी दुकान पर आ पहुंचे. उन्होंने कथित तौर पर दुकान का नाम बदलने को कहा. अचानक हुए इस घटनाक्रम से माहौल तनावपूर्ण हो गया.

इसी बीच पास की एक दुकान पर मौजूद दीपक कुमार और विजय ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने की कोशिश की. दोनों ने बीच-बचाव करते हुए बातचीत से मामला शांत कराने का प्रयास किया.

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दीपक की इंसानियत की सराहना

शोएब ने दीपक के व्यवहार की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में जिस तरह दीपक आगे आए, वह उनकी मानवता को दिखाता है. शोएब का कहना है कि कोटद्वार हमेशा से आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है जहां अलग-अलग धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार पिछले लगभग 80 सालों से कोटद्वार में रह रहा है और इस शहर से उनका गहरा रिश्ता है. शोएब ने उम्मीद जताई कि इलाके में शांति और सौहार्द आगे भी कायम रहेगा.

क्या है पूरा विवाद?

बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर नाम की यह दुकान करीब 30 साल से संचालित हो रही है. 70 साल के वकील अहमद इसे लंबे समय से चला रहे हैं. बताया जा रहा है कि कुछ युवकों ने दुकान के नाम में लिखे 'बाबा' शब्द पर आपत्ति जताते हुए इसे बदलने की मांग की. उनका मानना था कि यह शब्द खास धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है.

मौके पर मौजूद दीपक कुमार ने बुजुर्ग दुकानदार का समर्थन किया और कहा कि किसी को भी अपनी मेहनत से स्थापित दुकान का नाम बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. जब बहस बढ़ने लगी तो उन्होंने आगे बढ़कर लोगों को समझाने की कोशिश की.

मैं मोहम्मद दीपक हूं वीडियो हुआ वायरल

घटना के दौरान का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब देखा जा रहा है जिसमें दीपक कहते सुनाई देते हैं, 'तू कौन है?… मैं मोहम्मद दीपक.' माना जा रहा है कि उन्होंने यह बात माहौल शांत करने और यह संदेश देने के लिए कही कि इंसान की पहचान सिर्फ धर्म से नहीं होती. इस बयान के बाद कई लोग उन्हें सामाजिक एकता की मिसाल बताने लगे.

नेताओं की भी आई प्रतिक्रिया

दीपक के इस कदम की गूंज राजनीति तक भी पहुंची. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर उनकी सराहना करते हुए उन्हें भारत का हीरो बताया. उन्होंने लिखा कि दीपक इंसानियत और संविधान के पक्ष में खड़े हैं और उन्हें बब्बर शेर कहकर हिम्मत बनाए रखने की बात कही.

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