कोटद्वार के बाबा सेंटर विवाद और दीपक कुमार मामले में नया मोड़, पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने गठित की SIT
Kotdwar Baba Center Dispute: कोटद्वार में बाबा सेंटर विवाद के बाद पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने SIT का गठन किया है. SSP सर्वेश पवार ने कहा कि सोशल मीडिया वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों की पहचान होगी. जानें मामले का पूरा अपडेट.

कोटद्वार में बाबा सेंटर के नाम को लेकर शुरू हुए विवाद में नया मोड़ आया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. इस मामले में अभी तक एक गिरफ्तारी हुई है. पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पवार ने आजतक से फोन पर बातचीत में कहा कि SIT का गठन इसलिए किया गया है क्योंकि दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो सके. साथ ही साथ यह भी पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम के जरिए कोटद्वार में शांति भंग करने और आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोई कोशिश तो नहीं की गई है.
एसएसपी सर्वेश पवार के अनुसार, जांच में डिजिटल एविडेंस को विशेष महत्व दिया जाएगा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच होगी. वीडियो के आधार पर उन सभी लोगों की पहचान की जाएगी, जो कानून व्यवस्था बिगाड़ते हुए नजर आए हैं.
15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी SIT
SIT को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने दोहराया कि कोटद्वार की शांति और भाईचारा किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. विवाद के बीच बाबा सेंटर के मालिक वकील अहमद और दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक की ओर से भी एक संयुक्त अपील जारी की गई है. उन्होंने कोटद्वार के नागरिकों से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है.
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विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार की विधायक ऋतु खंडूरी ने भी इस मामले पर कहा कि कोटद्वार आपसी सौहार्द्र के लिए जाना जाता है. यहां हम किसी भी तरह की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जो कानून व्यवस्था को खराब करेगा, जो इस मामले को राजनीतिक हवा देना चाहते हैं उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे.
गणतंत्र दिवस के दिन हुआ था विवाद
26 जनवरी से शुरू हुआ यह मामला 31 जनवरी को बड़े विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया, जिसके बाद यह स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया. घटनाक्रम के अनुसार, 26 जनवरी को हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ लोग गौरतला स्थित बाबा सेंटर पहुंचे थे. यहां दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताई गई. बातचीत के दौरान जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने हस्तक्षेप किया और अपना नाम मोहम्मद दीपक बताते हुए वहां मौजूद लोगों से जाने को कहा. इसी घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गया.
इसके बाद 31 जनवरी को सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दीपक कुमार के जिम के बाहर इकट्ठा हुए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी, जिससे कोटद्वार का माहौल और गरमा गया. इसके बाद पूरे देश से दीपक के लिए समर्थन आने लगा. यहां तक की नेता विपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दीपक को हीरो कहकर उनका समर्थन दिया.
पुलिस ने अब तक क्या कारवाई की?
फिलहाल इस पूरे मामले में एक दीपक बजरंगी नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है. पहली एफआईआर बाबा सेंटर के मालिक वकील अहमद की शिकायत पर दर्ज की गई है. दूसरी एफआईआर 31 जनवरी को हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर एक सब-इंस्पेक्टर की ओर से दर्ज कराई गई है. वहीं तीसरी एफआईआर बजरंग दल की शिकायत पर दर्ज हुई है, जिसमें मोहम्मद दीपक और विजय कुमार को आरोपी बनाया गया है. इससे पहले पुलिस पर मीडिया को प्रतिबंध करने के भी आरोप लगे जिसके बाद एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने कहा मीडिया को रोका नहीं जाएगा.










