सासाराम स्टेशन पर जब जनरल बोगी में रखी 11 बोरियों को RPF ने खोलकर देखा तो हैरान रह गई! ऐसा क्या था उनमें?
बिहार के सासाराम में आरपीएफ ने कालका-हावड़ा मेल में छापेमारी कर 11 बोरियों में बंद 311 जिंदा कछुए बरामद किए हैं. तस्कर इन्हें जनरल कोच में लावारिस छोड़कर भाग निकले. करीब 3 लाख रुपये कीमत के इन कछुओं को अब सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है.

बिहार के रोहतास जिले में वन्यजीव तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. कालका से हावड़ा जा रही कालका–हावड़ा मेल ट्रेन के जनरल कोच से 311 जीवित कछुए बरामद किए गए हैं. ये सभी कछुए 11 बोरियों में बंद थे और लावारिस हालत में मिले.
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को पहले से सूचना मिली थी कि ट्रेन के आगे वाले जनरल कोच में अवैध तरीके से कछुओं की तस्करी की जा रही है. इसी आधार पर RPF निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम ने सासाराम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही तलाशी अभियान चलाया.
जांच में क्या मिला?
जांच के दौरान जनरल कोच से 11 बोरियां बरामद हुईं. जब बोरियां खोली गईं तो उनमें कुल 311 कछुए जीवित पाए गए. मौके पर कोई भी व्यक्ति इन बोरियों का दावा करने नहीं आया, जिससे किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी.
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RPF निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि कछुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर अवैध रूप से ले जाया जा रहा था. बरामद कछुओं की बाजार कीमत तीन लाख रुपये से ज्यादा आंकी गई है.
कार्रवाई के तुरंत बाद RPF ने वन विभाग को सूचना दी. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी कछुओं को अपने संरक्षण में ले लिया. अधिकारियों के अनुसार, कछुओं की प्रजाति की पहचान और स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक स्थान पर छोड़ा जाएगा.
जांच में जुटा विभाग
अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर पहचान से बचने के लिए ट्रेनों के जनरल कोच का इस्तेमाल करते हैं. इस मामले में भी यही तरीका अपनाया गया था. अब RPF और वन विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें किस जगह पहुंचाया जाना था.










