NEET छात्रा मौत मामला: 'मेरी भतीजी के साथ हुई हैवानियत', पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख फूट-फूटकर रोया परिवार!

पटना हॉस्टल कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने और साक्ष्य छुपाने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दरिंदगी और सुनियोजित हत्या का मामला है.

बिहार में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मुद्दा गरमाया
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पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतिका के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है. छात्रा के चाचा ने पुलिस प्रशासन और पटना एसएसपी (SSP) पर आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है. परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या और दरिंदगी का मामला है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई बेचैनी

छात्रा के चाचा ने भावुक होते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) की कोशिश की गई थी. चाचा ने कहा, "हमने रिपोर्ट की सिर्फ दो लाइनें पढ़ीं और उसके बाद हम उसे पढ़ नहीं पाए. मेरी भतीजी के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई है, वह असहनीय है." 

SSP और प्रशासन पर तीखा हमला

परिजनों ने पटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस इसे आत्महत्या करार देने पर तुली थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पटना एसएसपी और एएसपी (ASP) मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं. परिजनों के अनुसार, पुलिस ने न्याय मांगने पर उन पर लाठियां चलाईं और दोषियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है. 

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सेक्स रैकेट और सिंडिकेट का आरोप

छात्रा के चाचा ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्टल संचालक और उसके परिजन एक बड़े सेक्स रैकेट से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो गिरफ्तारी हुई है वह सिर्फ दिखावा है, असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं. परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल के वार्डन और संचालकों ने मामले को शांत करने के लिए 15 से 20 लाख रुपये का प्रलोभन भी दिया था. 

'सिर्फ सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से उम्मीद'

मृतिका के गांव जहानाबाद में शोक का माहौल है. परिजनों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें बिहार पुलिस और वर्तमान सिस्टम पर कोई भरोसा नहीं रह गया है. उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट इस मामले का स्वतः संज्ञान ले और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए. 

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