पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में CID ने संभाली जांच, हॉस्टल मालिक समेत इन 15 लोगों का होगा DNA टेस्ट
NEET Student Case Update: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद CID ने जांच अपने हाथ में ले ली है. हॉस्टल मालिक समेत 15 संदिग्धों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. पुलिस, CID और SIT की संयुक्त छापेमारी, DNA रिपोर्ट और पीड़ित परिवार के गंभीर आरोपों के बीच यह मामला और भी संवेदनशील होता जा रहा है.

बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रहा है. इस मामले में लगातार नए खुलासे देखने को मिल रहे है. मामले अब इतना गंभीर हो गया है कि CID ने इसकी कमान संभाली है और कहा जा रहा कि बहुत जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा. फॉरेंसिक रिपोर्ट (FSL) में छात्रा के यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद अब जांच एजेंसियों ने दोषियों तक पहुंचने के लिए DNA टेस्ट का सहारा लेने का फैसला किया है, जिसमें की 15 लोगों के नाम बताए जा रहे हैं. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
15 लोगों का होगा डीएनए टेस्ट
मिली जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों ने कुल 15 संदिग्धों की एक सूची तैयार की है, जिनका डीएनए सैंपल छात्रा के कपड़ों पर मिले नमूनों से मैच कराया जाएगा. इस सूची में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन का नाम भी शामिल है. इसके अलावा उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिनसे छात्रा ने मोबाइल पर लंबी बातचीत की थी. पुलिस ने छात्रा के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने के बाद इन संदिग्धों की पहचान की है.
CID और SIT की संयुक्त छापेमारी
राज्य सरकार के निर्देश पर अब सीआईडी (CID) ने भी इस मामले की कमान संभाल ली है. रविवार को सीआईडी, एफएसएल और एसआईटी की टीम ने पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में करीब 2 घंटे तक सघन छानबीन की. टीम ने हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक के कोने-कोने को खंगाला.
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मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुला हॉस्टल
बीते कई दिनों से सील किए गए हॉस्टल का गेट रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोला गया. इस दौरान हॉस्टल में रह रही अन्य छात्राओं को उनका सामान, मार्कशीट और जरूरी दस्तावेज सौंपे गए. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है. कई छात्राओं के अभिभावकों ने यह भी शिकायत की है कि उन्होंने हॉस्टल में एडवांस पैसे दिए थे, जो अब उन्हें वापस नहीं मिल रहे हैं.
पीड़ित पिता ने उठाए गंभीर सवाल
वहीं, छात्रा के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस असली दोषियों को पकड़ने के बजाय बार-बार उनके परिवार को ही शक के दायरे में रख रही है और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है. पिता ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग दोहराई है. हालांकि फिलहाल सबकी नजरें डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसे इस सनसनीखेज मामले में सबसे बड़ा और निर्णायक सबूत माना जा रहा है.
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