8th Pay Commission: न्यूनतम पेंशन 9000 से बढ़कर 25 हजार के पार होगी? पेंशनर्स के लिए हिसाब-किताब क्या बन रहा?

8वां वेतन आयोग 2026 से केंद्रीय पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है. न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपए से बढ़कर 25,000 तक हो सकती है? तो क्या फिटमेंट फैक्टर पर 1 फरवरी को पेश होने वाले Union Budget 2026 में फैसला होने की है उम्मीद?

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8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स का हिसाब क्या होगा?
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पूरी उम्र देश की सेवा में खपा दी. फाइलें निपटाईं, दफ्तरों के चक्कर काटे और सरहदों की रखवाली की. लेकिन जब बात अपनी पेंशन की आती है, तो आज वही देश का बुजुर्ग सरकारी बाबू या सेना का जवान महंगाई के आंकड़ों के बीच खुद को उलझा हुआ पाता है. 

1 जनवरी 2026...ये वो तारीख है जिसका इंतजार देश के 68 लाख पेंशनर्स पिछले कई सालों से कर रहे हैं. सवाल सिर्फ 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन का नहीं है, सवाल है उस सम्मानजनक जीवन का, जिसकी उम्मीद 9,000 हजार रुपए की न्यूनतम पेंशन वाला एक बुजुर्ग कर रहा है.

फिटमेंट फैक्टर 2.86 होगा?

क्या इस बजट में वित्त मंत्री जी उस 'पेंशन बिल' पर मुहर लगाएंगी, जो दादा-दादी की मुस्कान वापस ला सके? आज न्यूज तक पर हम सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं करेंगे, हम बात करेंगे उन करोड़ों उम्मीदों की जो 8वें वेतन आयोग की फाइलों में दबी हुई हैं.

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देश के करीब 65 लाख से ज्यादा केंद्रीय पेंशनभोगियों के लिए 2026 एक बड़ा मोड़ साबित होने वाला है. 8वें वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आपकी 'गाढ़ी कमाई' यानी पेंशन कितनी बढ़ने वाली है? क्या न्यूनतम पेंशन सीधे 25,000 रुपए के पार जाएगी? चलिए, आज न्यूज तक पर हम आपको बताते हैं इसका पूरा गणित.

7वें वेतन आयोग में न्यूनतम पेंशन 9 हजार रुपए 

फिलहाल, 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपए तय है. पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता नहीं महंगाई राहत होता है जिसे डीआर भी कहते हैं. न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 पर 60 परसेंट यानी 5400 रुपये डीआर जुड़ने कुल महीने की कमाई होती है 
14,400. कोई भी कहेगा कि महंगाई के इस लेवल पर घर तो क्या, महीने का पॉकेट खर्चा भी नहीं चल सकता?  

कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि इसे महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए.अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 हुआ तो 17,280 पेंशन बनेगी. अगर 7वें CPC जैसा 2.57 रहा तो 23,130 और अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.86 रखती है, तो बेसिक पेंशन में जबरदस्त उछाल आएगा. 9 हजार की बेसिक पेंशन बढ़कर 25 हजार 740 रुपये हो जाएगी. मतलब सीधे 16,000 से ज्यादा की ग्रोथ. 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर 9,000 रुपए वाली पेंशन पाने वालों को सीधा 186% तक का उछाल मिल सकता है, जिससे उनकी मासिक आय 25,000 हजार रुपए के पार पहुंच जाएगी.  

वेतन आयोग (Pay Commission) में पेंशन तय करने का फॉर्मूला मुख्य रूप से 'लास्ट पे ड्रॉन' (Last Pay Drawn) और 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) पर आधारित होता है. किसी भी सरकारी कर्मचारी की बेसिक पेंशन उसके आखिरी महीने की बेसिक सैलरी का 50% होती है. 

अगर कोई कर्मचारी 60 हजार रुपए की बेसिक सैलरी पर रिटायर हुआ, तो उसकी बेसिक पेंशन 30 हजार रुपए तय होगी. इसके ऊपर सरकार समय-समय पर 60 परसेंट महंगाई राहत (DR) दे रही है. नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई राहत (DR) फिर से शून्य (Zero) से शुरू होगी जिसे समय के साथ बढ़ाया जाएगा.

पूरी पेंशन पाने के लिए 20 साल की सर्विस जरूरी

7वें वेतन आयोग के बाद पूरी पेंशन पाने के लिए कम से कम 20 साल की सर्विस अनिवार्य है. कम्यूटेशन (Commutation) की व्यवस्था कर्मचारी अपनी पेंशन का एक हिस्सा या मैक्सिमम 40% एडवांस में एकमुश्त ले सकता है, जिससे अगले 15 साल तक मासिक पेंशन थोड़ी कम हो जाती है. 

क्लास वन अधिकारी का पेंशन कितना बनता है? 

Class 1 (Group 'A') अधिकारी के रिटायरमेंट पर पेंशन का निर्धारण उनके आखिरी वेतन (Last Basic Pay) और ईयर ऑफ सर्विस पर निर्भर करता है. एक क्लास वन अधिकारी आमतौर पर पे-लेवल 10 से 18 के बीच रिटायर होते हैं. एक सामान्य क्लास वन अधिकारी अगर पे-लेवल 14 (Joint Secretary स्तर) पर रिटायर होता है, तो उसकी बेसिक पे लगभग 1,44,200 रुपए से 2,18,200 रुपए के बीच होती है. इस आधार पर उनकी बेसिक पेंशन 72,100 रुपए से 1,09,100 रुपए के करीब बनती है. इसमें 60 परसेंट डीए जुड़ता है. रिटायर्ड सीनियर अफसरों की तो हालत फिर भी ठीक हो सकती है, लेकिन छोटे कर्मचारियों की पेंशन की तो पूछो मत. 

नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल केंद्र सरकार के पेंशनर्स की संख्या 68 लाख से ज्यादा है:  इसमें सबसे ज्यादा 34.23 लाख रक्षा पेंशनर्स हैं. रेलवे पेंशनर्स 14.95 लाख, सिविल पेंशनर्स 11.91 लाख हैं. टेलीकॉम पेंशनर्स 4.79 लाख और और पोस्टल  पेंशनर्स 2.81 लाख हैं.

अगर कोई कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली Unified Pension Scheme (UPS) के दायरे में आता है, तो 10 साल की न्यूनतम सेवा पर उसे 10,000 रुपए की गारंटीड न्यूनतम पेंशन मिलेगी, जिस पर अलग से महंगाई राहत (DR) भी लागू होगी. 

बजट में 8वां वेतन आयोग का होगा जिक्र? 

इस बात की संभावना कम है कि सरकार एक फरवरी के बजट में आठवें वेतन आयोग का पूरा मैथेमेक्टिक्स पेश करे. ये संभव है कि सरकार बजट में 8वें वेतन आयोग के गठन और इसके संभावित खर्चों के लिए टोकन अमाउंट (Token Amount) आवंटित कर सकती है. ये इस बात का संकेत होगा कि सरकार वेतन और पेंशन संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर रही है. चूंकि 8वें वेतन आयोग की प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, सरकार बजट में एरियर पेमेंट के लिए कोई रोडमैप पेश कर सकती है. 

कितने विभाग के कितने पेंशनर्स?

  • 34.23 लाख        : रक्षा 
  • 14.95 लाख        : रेलवे 
  • 11.91 लाख         : सिविल 
  • 4.79 लाख        : टेलीकॉम
  • 2.81 लाख        : पोस्टल

पेंशन से कितनी कमाई

  • बेसिक पेंशन     : 9000
  • DR (60%)        : 5400  
  • कुल पेंशन         : 14400 

कितने फिटमेंट फैक्टर से कितनी ग्रोथ?

  • फिटमेंट फैक्टर       बेसिक पेंशन
  • 1.92                    17280
  • 2.57                    23130
  • 2.86                    25740 

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