2026 का चुनावी कैलेंडर: 5 राज्य, 824 सीटें और 75 राज्यसभा सांसद, क्या विपक्षी गठबंधन रोक पाएगा NDA की रफ्तार?
Election 2026: साल 2026 भारत के लिए चुनावी साल है. इस साल पश्चिम बंगाल में 294 सीटें, तमिलनाडु में 234, असम में 126, केरल में 140 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों पर इस साल चुनाव होने हैं. 2026 NDA की मजबूती और विपक्षी गठबंधन के अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगा.

Election 2026: साल 2025 को अलविदा कहकर हम 2026 की दहलीज पर कदम रख चुके हैं. भारत की राजनीति के लिए यह साल बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है. जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला NDA अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के लिए यह साल अस्तित्व की लड़ाई जैसा है. 2026 में उत्तर से दक्षिण और पूर्वोत्तर तक चुनावी बिगुल बजने वाला है.
5 राज्यों में महामुकाबला
इस साल देश के चार प्रमुख राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में जनता नई सरकार का चुनाव करेगी. इन राज्यों की कुल 824 सीटों पर होने वाली वोटिंग यह तय करेगी कि देश की राजनीति किस दिशा में मुड़ रही है. बंगाल में ममता का जादू बरकरार रहेगा या भाजपा सेंध लगाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा.
राज्यसभा की 75 सीटों पर घमासान
विधानसभाओं के साथ-साथ संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा का समीकरण भी बदलने वाला है. अप्रैल से नवंबर 2026 के बीच 75 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से आने वाली ये सीटें केंद्र सरकार की विधायी शक्ति के लिए बहुत मायने रखती हैं. उत्तर प्रदेश की 10 और महाराष्ट्र की 7 सीटों पर सबकी निगाहें टिकी हैं. उत्तर प्रदेश की 10, महाराष्ट्र की 7, बिहार की 5, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 3-3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होंगे.
यह भी पढ़ें...
यूपी पंचायत चुनाव: 2027 का सेमीफाइनल
हिंदी पट्टी के सबसे ताकतवर राज्य उत्तर प्रदेश में 2026 में पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं. इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का 'लिटमस टेस्ट' या सेमीफाइनल माना जा रहा है. ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के पदों के लिए होने वाली यह जंग ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक दलों की असली पकड़ की तस्वीर पेश करेगी.
बंगाल में ममता की अग्निपरीक्षा
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह साल किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 में खत्म हो रहा है. यहां अप्रैल-मई में चुनाव संभावित हैं. ममता बनर्जी 2011 से सत्ता में हैं. 294 सीटों वाली विधानसभा में TMC चौथी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचना चाहती है.
वहीं, भाजपा पिछले चुनाव की कसर पूरी करने के लिए पूरा जोर लगा रही है. 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने कुल 294 सीटों में से 213 और बीजेपी ने 77 सीटें जीती थी. कांग्रेस और वामपंथी दलों के लिए यहां अपने वजूद को बचाने की आखिरी लड़ाई है.
तमिलनाडु: स्टालिन के सामने सत्ता बचाने की चुनौती
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के सामने इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. अभिनेता थलपति विजय की नई पार्टी 'तमिलागा वेट्ट्री कज़गम' (TMK) ने समीकरण बिगाड़ दिए हैं.
तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है. ऐसे में राज्य में अप्रैल-मई 2026 के बीच विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं.
तमिलनाडु में 2021 में DMK को बहुमत मिला था और एमके स्टालिन मुख्यमंत्री बने थे. इस बार मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के सत्ता रिपीट करने की कड़ी परीक्षा है, जबकि AIADMK वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. बीजेपी से गठबंधन टूटने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने शानदार जीत दर्ज की थी. 234 सीटों वाली विधानसभा में डीएमके को 133 सीटें मिली थीं और उसने सरकार बनाई थी. डीएमके के सहयोगी दल कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं. वहीं, करीब 10 साल तक सत्ता में रही AIADMK सिर्फ 66 सीटों पर सिमट गई थी. उस समय बीजेपी को गठबंधन के तहत 4 सीटें मिली थीं.
2026 के चुनाव में हालात बदले हुए हैं. इस बार मुकाबला सिर्फ NDA बनाम INDIA ब्लॉक तक सीमित नहीं है. तमिल फिल्म अभिनेता थलपति विजय ने अपनी नई पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कजगम बनाई है. इसके चलते DMK और AIADMK की सीधी लड़ाई अब त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है.
केरल: LDF बनाम UDF की सीधी टक्कर
केरल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 मई 2026 को पूरा हो रहा है. ऐसे में यहां भी अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने की पूरी संभावना है. राज्य में फिलहाल वाम मोर्चा यानी LDF की सरकार है और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 2016 से सत्ता में हैं. उसके सामने कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF सबसे बड़ी चुनौती है.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 2021 में लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचा था. अगर वह 2026 में फिर जीतते हैं, तो यह केरल की राजनीति में एक बड़ा रिकॉर्ड होगा. लेकिन अगर हारते हैं तो लेफ्ट के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में LDF को 99 सीटें मिली थीं और उसने सत्ता बरकरार रखी थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF विपक्ष में चला गया था. अब कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है.
कांग्रेस के लिए केरल बेहद अहम राज्य है. प्रियंका गांधी केरल से सांसद हैं और केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े नेता भी यहीं से आते हैं. इस वजह से कांग्रेस के लिए यह चुनाव साख बचाने का सवाल बन गया है. वहीं बीजेपी राज्य में अपना आधार बनाए रखने की कोशिश में लगी हुई है.
असम: बीजेपी की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी?
पूर्वोत्तर के द्वार असम में भाजपा हैट्रिक लगाने की तैयारी में है जबकि कांग्रेस अपने वनवास को खत्म करने की कोशिश करेगी. असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 20 मई 2026 को खत्म हो रहा है. राज्य में अप्रैल-मई 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
बीजेपी यहां 2016 से सत्ता में है और लगातार दो चुनाव जीत चुकी है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में 126 सीटों वाली विधानसभा में NDA को 75 सीटें मिली थीं और सरकार बनी थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 50 सीटों पर जीत मिली थी.
असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है. अगर बीजेपी फिर से जीतती है तो यह उसकी हैट्रिक जीत होगी. लेकिन अगर हार होती है. तो कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक संजीवनी मिल सकती है.
असम की राजनीति में एक तीसरा फ्रंट भी मौजूद है. मुस्लिम सियासत का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता बदरुद्दीन अजमल की पार्टी कुछ सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है. ऐसे में असम का चुनाव सिर्फ बीजेपी बनाम कांग्रेस नहीं रह गया है.
पुडुचेरी: NDA बनाम INDIA ब्लॉक की सीधी लड़ाई
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून 2026 को खत्म हो रहा है. यहां मई-जून 2026 के बीच विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं. पुडुचेरी की राजनीति में इस बार भी मुकाबला साफ तौर पर NDA बनाम INDIA ब्लॉक के बीच माना जा रहा है.
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (ANRC) और बीजेपी के गठबंधन ने जीत दर्ज की थी. 30 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन को 16 सीटें मिली थीं. ANRC को 10 सीटें और बीजेपी को 6 सीटें मिली थी. इसके उलट कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था.
फिलहाल पुडुचेरी में एन रंगासामी मुख्यमंत्री हैं. वह ANRC के संस्थापक भी हैं और एनडीए गठबंधन के साथ सरकार चला रहे हैं. 2026 के चुनाव में उनकी कोशिश सत्ता बनाए रखने की होगी, जबकि विपक्ष INDIA ब्लॉक के जरिए वापसी करना चाहेगा.










