गाजियाबाद की तीनों बहनों से परेशान ट्यूशन टीचर ने पिता से क्या कहा था? खुद उन्होंने बताया
Ghaziabad sisters case: गाजियाबाद की तीन बहनों की मौत के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. नाबालिग लड़कियों के पिता ने बताया कि कोरियन कल्चर और गेम के प्रति उनके जुनून से ट्यूशन टीचर भी परेशान थी. वहीं घटना से पहले की आखिरी बातचीत, डायरी के नोट और पुलिस जांच से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं. जानिए गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस की पूरी कहानी और जांच से जुड़े नए अपडेट.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आईं तीन बहनों के मौत मामले में जैसे-जैसे दिन बीत रहा है, नए-नए खुलासे हो रहे है. बीते दिनों डायरी के पन्ने सामने आए थे जिसमें साफ-साफ लिखा था कि कोरियन हमारी जान है और आपने हमसे छुड़वाने की कोशिश कैसे की? फिलहाल पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है. इसी बीच आज तक की टीम जब नाबालिग लड़कियों के घर पहुंची तो किसी ने घर का दरवाजा नहीं खोला. नाबालिगों के पिता ने जाली वाले गेट के दूसरी ओर से ही सारे सवालों के जवाब दिए, जिसमें पता चला कि लड़कियों की ट्यूशन टीचर भी इनसे परेशान थी. आइए विस्तार से जानते हैं नाबालिगों के पिता ने अब क्या-कुछ नया बताया है.
'ये नहीं पढ़ेंगी...'- ट्यूशन टीचर
घटना के दिन से ही कोरियन गेम और कल्चर को लेकर उनके जुनून की बात कह रहे पिता ने एक बार फिर कई बातें बताई है. उनका कहना है बच्चों ने कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी, नाम बदल लिया था, फोन की डीपी तक कोरियन लगाती थी. अगर यह डीपी हटा दी जाए तो वे गुस्सा हो जाती थी. पिता ने यह भी कहा है वे लगातार कोरिया ले चलने के लिए जिद्द करती, इंडिया के नाम पर उन्हें काफी गुस्सा आ जाता था और इंडिया का नाम लेने पर खाना तक छोड़ देती थी.
इसके अलावा पिता ने एक और बात बताई है कि लड़कियां स्कूल में फेल होने की शर्म की वजह से वहां नहीं जाना चाहती थी, सिर्फ ट्यूशन जाया करती थी. लेकिन ट्यूशन टीचर भी उनसे परेशान हो चुकी थी और उनका कहना था कि, 'ये नहीं पढ़ेंगी...पहले इनका माइंड चेंज करो.'
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बेटियों के साथ कब हुई थी लास्ट बात?
अपनी बेटियों के साथ लास्ट बात को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि घटना वाले शाम को ही उन्होंने बेटियों से बातचीत की. पिता के मुताबिक उन्होंने शाम को खाना खाने के लिए कहा तो फिर बेटियों ने कोरिया ले चलने की बात कही. इसके बाद शाम 7 बजे उन्होंने बेटियों से मोबाइल फोन ले लिया लेकिन रात 10 बजे वो दोबारा ले गए. फिर रात 12 बजे तक मोबाइल देखते रहे जिसके बाद मेरी पत्नी ने उनसे फोन वापस ले लिया. फिर वो लड़कियां कंबल से निकलकर मंदिर वाले कमरे में गई और उसे अंदर से लॉक कर लिया. इसके बाद क्या हुआ हमें नहीं पता क्योंकि वो लोग मुझे फिर नीचे ही मिले(कूदने के बाद).
पिता ने की अपील
अपनी बेटियों को खोने के बाद पिता ने एक बड़ी अपील की है. उन्होंने कहा कि, हम चाहते है जो भी कोरियन ड्रामा का वीडियो चल रहा है, जिससे बच्चे एडिक्ट हो रहे हैं वो बंद होने चाहिए. बच्चे इन चीजों को 3-4 साल से ही देख रहे है. उन्होंने कहा कि मेरी बेटियां कहती थी कि कोरिया नहीं गए तो हम मर जाएंगे और अब क्या हुआ सबके सामने है.
डायरी के पन्नों पर लिखी बात भी आई थी सामने
वहीं 9वीं मंजिल से कूदने से पहले लड़कियों ने 8 पन्ने का एक नोट भी छोड़ा था जिसमें उन्होंने कई बातें लिखी है. इसमें उन्होंने साफ लिखा था कि, "वी लव कोरियन लव लव लव.........सॉरी. ट्रू लाइफ स्टोरी - इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है रीड नाउ.... आई एम रियली सॉरी....सॉरी पापा! लो छुडवाओगे हमसे कोरियन. कोरियन हमारी जान थी तो तुमने हिम्मत भी कैसे करी? हमसे हमारी जान छुड़वाने की. तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे लो अब देख लिया सबूत. अब तो यकीन हो गया यहां कि कोरियन और के- पोप हमारी जान है. जितना हम कोरियन एक्टर और के- पोप ग्रुप को चाहते थे न उतना हम तुम घरवालों को भी नही चाहते थे.(यहां पढ़ें पूरी खबर)
फिलहाल पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू पर जांच कर रही है. पुलिस ने अभी तक कोरियन गेम वाली थ्योरी को एक्सेप्ट नहीं किया है और बयान से लेकर मौजूद सारे सबूतों की गहनता से जांच में जुटी हुई है.










