मेरठ: दलित युवती के किडनैपिंग केस में SSP मेरठ विपिन ताडा ने बताया आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस, पता चली ऑपरेशन की पूरी कहानी
Meerut Dalit Mahila Case: मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और बेटी के कथित अपहरण मामले में आरोपी पारस सोम को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब इस पूरे केस पर मेरठ के एसएसपी विपिन ताडा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Meerut Dalit Girl Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ के कपसाड़ गांव में हुई घटना की देशभर में चर्चा है. यहां हुई दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी के कथित अपहरण मामले में 11 जनवरी को रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोप पारस सोम को कोर्ट में पेश किया. इसके साथ ही कथित किडनैप की गई युवती को भी पुलिस ने कोर्ट पेश किया. दोनों की पेशी अलग अलग कोर्ट में हुई. कोर्ट ने मामले में आरोपी पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. इन सब के बीच अब मेरठ के एसएसपी विपिन ताडा का बयान सामने आया है. वहीं, इससे पहले पारस के वकीलों का भी बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कई चौंकाने वाले दावे किए थे. यहां क्लिक कर पढ़ें उन्होंने क्या क्या कहा.
मेरठ के एसएसपी ने क्या बताया?
इस पूरे मामले पर मेरठ के एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच करते हुए युवती का मेडिकल कराया है. इसके बाद उसे कार्ट में पेश किया गया. यहां उसके बयान दर्ज किए गए. इसके बाद आरोपी को रिमांड में लेकर जेल भेजा जा है. एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर की जाएगी...उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले में कानून के अनुसार ही कार्रवाई कर रही है. परिजनों द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों को लेकर एसएसपी ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और युवती ने जो काेर्ट में कहा है उसी आधर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि ये पूरी घटना 8 जनवरी की है. घटना के समय मृतक सुनीता अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी. आराेप है कि इस बीच रास्ते में पारस ने उन्हें रोक लिया. फिर यही से विवाद शुरू हो गया. दावा है कि पारस ने सुनीता पर फरसे से हमला कर उनकी हत्या कर दी और बेटी को अगवा कर ले गया. इस घटना से गांव में भारी तनाव फैल गया था. पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर के 60 घंटों में आरोपी को बरामद कर लिया था. इस मामले में पुलिस की 10 से अधिक टीमें लगी हुई थी. इसके लिए चार राज्यों के 7 जिलों में पुलिस फोर्स भेजी गई थी. पुलिस ने मैनुअल मुखबरी और इंटेलिजेंस सर्लेंस के जरिए पुलिस ने इनको ट्रैक किया और बरामदगी की.










