ASP अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले जज का तबादला, अब 'सर्वे' का आदेश देने वाले जज संभालेंगे कमान

ASP Anuj Chaudhary FIR: संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौधरी पर एफआईआर का आदेश देने वाले सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है. अब उनकी जगह ‘जामा मस्जिद–हरिहर मंदिर सर्वे’ का आदेश देने वाले जज आदित्य सिंह संभल की कमान संभालेंगे. जानिए तबादले के मायने, सियासी प्रतिक्रिया और पूरा घटनाक्रम.

Sambhal violence case
अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले जज का ट्रांसफर
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उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. संभल हिंसा के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने और एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले सीजेएम (CJM) विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है. इस फैसले के बाद सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है. अब उनकी जगह नए सीजेएम आदित्य सिंह ने कमान संभाला है जिनके सर्वे वाले आदेश के बाद बवाल शुरू हुआ था. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.

विभांशु सुधीर को भेजा गया सुल्तानपुर

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का 4 महीने में ही संभल ट्रांसफर हुआ था, लेकिन अब उन्हें हटाकर अब सुल्तानपुर भेज दिया गया है. उन्हें वहां सीनियर सिविल डिवीजन जज के पद पर तैनात किया गया है. सोशल मीडिया पर उनके इस तबादले को लेकर काफी बहस छिड़ी है. कुछ लोग इसे अनुज चौधरी के खिलाफ सख्त आदेश देने की सजा और 'डिमोशन' मान रहे हैं. बता दें कि विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी को एएसपी अनुज चौधरी और तत्कालीन इंस्पेक्टर अनुज तोमर पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था.

आदित्य सिंह होंगे संभल के नए सीजेएम

विभांशु सुधीर की जगह अब चंदौसी कोर्ट के सीनियर डिवीजन सिविल जज आदित्य सिंह को संभल का नया सीजेएम बनाया गया है. आदित्य सिंह वही जज हैं जिन्होंने संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताने के दावे पर सुनवाई करते हुए 'एडवोकेट कमीशन सर्वे' का आदेश दिया था. उनके इसी आदेश के बाद संभल में भारी बवाल और हिंसा भड़की थी.

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पुलिस और कोर्ट के बीच ठनी थी रार

जज विभांशु सुधीर द्वारा एफआईआर के आदेश दिए जाने के बावजूद संभल पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है. संभल के एसपी के.के. बिश्नोई ने कोर्ट के आदेश को चुनौती देने की बात कही थी और साफ मना कर दिया था कि इस मामले में जुडिशियल इंक्वायरी पूरी हो चुकी है. इस टकराव को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर निशाना साधा था.

क्या था पूरा मामला?

संभल हिंसा के दौरान खगूसराय निवासी यामीन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. आरोप था कि 24 नवंबर को एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों की फायरिंग में उनके बेटे आलम को तीन गोलियां लगी थीं. इसी शिकायत पर सीजेएम विभांशु सुधीर ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया था. इससे पहले भी वह एनकाउंटर के एक पुराने मामले में 13 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश देकर चर्चा में आए थे.

यहां देखें वीडियो

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