UP Panchayat Chunav 2026: यूपी में प्रधानी चुनाव की तारीख पर हुआ खुलासा? मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान से सुगबुगाहट तेज
UP Gram Pradhan Election Date: उत्तर प्रदेश के गांव की गलियों में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. हालांकि की अभी चुनावों की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के दो बड़े बयानों से अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानी का चुनाव कब होगा. चलिए खबर में जानते हैं कि उन्होंने ऐसा क्या कहा जिससे पंचायत चुनाव के लिए सुगबुगाहट तेज हो गई है.

UP Panchayat Chunav Date 2026: उत्तर प्रदेश के चौक-चौराहों पर इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा है कि गांव की सरकार चुनने का वक्त कब आएगा यानी पंचायत चुनाव में वोट डालने का मौका कब मिलेगा. प्रधानी के पुराने धुरंधर जहां अपने विकास कार्यों का बखान कर रहे हैं वहीं नए दावेदार चुनाव की तारीखों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. गांवों में दुआ-सलामी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही पूछा जा रहा है कि पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीख का ऐलान कब होगा. इस सस्पेंस से अब पर्दा हटाने का काम खुद यूपी सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कर दिया है.
राजभर ने हाल ही में बलिया और सुल्तानपुर में दो ऐसे बयान दिए हैं, जिससे चुनावी कैलेंडर की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस बारे में चर्चा हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इस समय प्रशासनिक अमला एसआईआर के कार्यों में व्यस्त है. ये 6 फरवरी तक पूरा हो जाएगा. इसके ठीक बाद चुनाव की प्रक्रिया को रफ्तार दी जाएगी. ऐसे में अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर कौन सा है वो महीना जब यूपी में पंचायत चुनाव का बिगुल बजेगा.
राजभर के बयानों ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावी तारीखों को लेकर दो अलग-अलग जिलों में संकेत दिए हैं. बलिया में उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि चुनाव बिल्कुल समय पर होंगे और अधिकारियों को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं. वहीं, सुल्तानपुर में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र किया. मंत्री ने बताया कि 6 फरवरी तक अधिकारियों की व्यस्तता खत्म होते ही चुनावी मशीनरी सक्रिय हो जाएगी. सरकार का इरादा साफ है कि समय सीमा के अंदर ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए.
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अप्रैल से जुलाई के बीच होगा चुनावी घमासान
विभागीय सूत्रों और मंत्री के संकेतों के मुताबिक, यूपी पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच संपन्न कराए जा सकते हैं. चुनावी प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में ग्राम प्रधान, बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) और जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव होंगे. इसमें जनता सीधे अपने मताधिकार का प्रयोग कर मतपेटियों के जरिए प्रतिनिधियों को चुनेगी. यह हिस्सा अप्रैल और मई के आसपास पूरा होने की संभावना है, जिससे गांव की जमीनी राजनीति का फैसला हो जाएगा.
दूसरे चरण में बाहुबल और धनबल की अग्निपरीक्षा
चुनाव का दूसरा चरण और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाला है. इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव होगा. ये वो दौर है होता है जहां रस्साकशी अपने चरम पर होती है और धनबल व बाहुबल का प्रभाव दिखने लगता है. हालांकि इन पदों के लिए कोई आधिकारिक सिंबल नहीं होता. लेकिन राजनीतिक पार्टियां अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारती हैं. माना जा रहा है कि जुलाई तक ये पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी.
2027 के विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट
राज्य में होने वाले ये पंचायत चुनाव सिर्फ गांव की सरकार तक सीमित नहीं होंगे्र बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ-साथ क्षेत्रीय दल जैसे राजभर की पार्टी, अनुप्रिया पटेल की अपना दल, संजय निषाद की निषाद पार्टी और जयंत चौधरी की रालोद अपनी ताकत झोंकेंगी. पूर्वांचल के बाहुबली और दिग्गज नेता भी अपने-अपने इलाकों में अपना वर्चस्व साबित करने की कोशिश करेंगे.










