'परिजनों को भरोसा नहीं था, इसलिए सौंपी CBI को जांच', शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा बयान
Shambhu Girls Hostel Case: बिहार के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड और नीट छात्रा मौत मामले की जांच अब CBI को सौंपी गई है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि परिजनों को स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं था, इसलिए सरकार ने पारदर्शिता के लिए यह बड़ा कदम उठाया. जानिए सीएम नीतीश कुमार की भूमिका, नया CCTV फुटेज, जांच की पूरी कहानी और परिवार की न्याय की उम्मीद.

बिहार की राजधानी पटना के चर्चित नीट छात्रा मौत मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. राज्य सरकार की सिफारिश के बाद इस मामले की जांच अब सीबीआई (CBI) के हाथों में है. इस बड़े फैसले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ किया है कि सरकार ने यह कदम परिजनों की आशंकाओं और विपक्ष के सवालों को ध्यान में रखते हुए उठाया है ताकि जांच की पारदर्शिता पर कोई सवाल न रहे. आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात.
परिजनों के अविश्वास के कारण लिया गया फैसला
सम्राट चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही इस मामले में गंभीरता दिखाई है. उन्होंने बताया, 'सरकार के स्तर पर दो बार हस्तक्षेप हुए. पुलिस को पूरी मदद दी गई और डीजीपी के निर्देश पर एसआईटी (SIT) का गठन कर जांच की समीक्षा की गई. लेकिन जब हमें लगा कि छात्रा के परिवार और कुछ राजनीतिक दलों को वर्तमान जांच पर भरोसा नहीं है, तो हमने उच्च स्तरीय जांच (CBI) के लिए मामला केंद्र को भेज दिया.' उन्होंने आगे जोड़ा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और सरकार का इनमें कोई हस्तक्षेप नहीं है.
सीएम नीतीश कुमार ने खुद की सिफारिश
डिप्टी सीएम ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद भारत सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच का आग्रह किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी यह साफ किया कि घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से खुलासा करना सरकार की प्राथमिकता है. जब उनसे पटना पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह पुलिस का काम है और वे ही इस पर जवाब दे सकते हैं.
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नया CCTV फुटेज आया सामने, बढ़ी हलचल
जांच के बीच इस मामले का एक बेहद अहम और नया सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसने केस को फिर से चर्चा में ला दिया है. यह वीडियो 6 जनवरी का बताया जा रहा है, जिस दिन छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी. फुटेज में देखा जा सकता है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल का स्टाफ छात्रा को बेहोशी की हालत में गोद में उठाकर कमरे से बाहर ले जा रहा है. यह फुटेज उस समय का है जब उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी.
न्याय की उम्मीद में परिवार
छात्रा के परिवार ने शुरुआत से ही स्थानीय पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जांच की मांग की थी. अब मामला सीबीआई के पास जाने से दोषियों के पकड़े जाने की उम्मीद बढ़ गई है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में पहले ही यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो चुकी है, जिसके बाद अब वैज्ञानिक साक्ष्य इस गुत्थी को सुलझाने में अहम होंगे.










