UGC के नए नियमों पर पटना में भिड़ गए दो दोस्त, अनुज पाराशर ने किया विरोध तो अमन यादव ने गिना दिए फायदे
ugc law protest: पटना के गांधी मैदान में UGC कानून के विरोध के दौरान दो दोस्त आमने-सामने आ गए. अनुज पाराशर ने विरोध किया, जबकि अमन यादव ने नए नियम का समर्थन किया. एक ने कानू के खिलाफ तर्क दिए तो दूसरे ने उसके पक्ष में. बहस के बाद सामने आई ये तस्वीर.

कल तक पटना के गांधी मैदान में BPSC, दरोगा और दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं में वेकेंसी की मांग को लेकर एक साथ खड़े होकर आंदोलन करने वाले दो दोस्त UGC पर एक दूसरे के खिलाफ हो गए. बिहार Tak से खास बातचीत में एक दोस्त ने इस नए नियम के खिलाफ अपनी बात रखी दो दूसरे ने इसका समर्थन कर दिया. समर्थन में उन्होंने कई तर्क दिए.
पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अनुज पाराशर ने कहा कि यूजीसी कानून में जो बदलाव किया गया उसका विरोध करता हूं. अनुज के हाथों में एक काले रंग की तख्ती भी है जिसपर लिखा है- 'काले कनून वापस लो'. अनुज ने आगे कहा कि- ''मैं नहीं चाहता कि किसी जाति विशेष के साथ गलत हो.''
अपने दोस्त अमन की तरफ इशारा करते हुए अनुज ने कहा कि हम दोनों एक ही थाली में खाते हैं. मैं इनको कृष्ण और खुद को सुदामा कहता हूं. मोदी सरकार यही चाहती है कि आपस में हम लोगों को लड़ाया जाए. मोदी सरकार ने भारत को हिंदू-मुस्लिम में तोड़ दिया. अब प्रयास कर रहे हैं कि जाति-जाति में बांटकर साथ घूमने वाले छात्रों को भी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. ये अनुच्छेद 14 का वायलेशन है. हम संविधान को मानने वाले लोग हैं. पहले गलत आरोप लगाने वालों को पनिश किया जाता था जो अब नहीं होगा. ये गलत है.
यह भी पढ़ें...
इधर अमन यादव ने कहा- मैं पूर्ण रूप से इस कानून का समर्थन करता हूं. यूं ही एक दिन में ये बिल नहीं बना है. इसे बनाने में महीनों लगे हैं. कई केसेज आए हैं जिसमें देखा गया कि दलितों पर अत्याचार किया गया है. आज ये लोग विरोध कर रहे हैं. इन्हें क्या लगता है. इस बिल से उसी को डर लग रहा है जिसने गलत करने की मंशा बनाई होगी. आप तमाम विश्वविद्यालय में देख लीजिए जिसमें वीसी, प्रॉक्टर सब उच्च जातियों से हैं.










