'हमें टार्चर किया जा रहा है'...पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में सामने आए मृतका ने मामा, जांच एजेंसियों पर ही उठाए सवाल
NEET Student Death Patna: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद जांच तेज हुई, लेकिन अब मृतका के मामा ने DNA टेस्ट और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Patna Shambhu Girls Hostel Case: पटना के संभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा के मौत मामला लगातार गरमाता जा रहा है. मामले में हर दिन नए नए खुलासे हो रहें हैं. घटना की जांच अब CID कर रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद अब जांच एजेंसियां दोषियों को पकड़ने के लिए DNA टेस्ट का फैसला लिया है. इस बीच अब मामले में मृतका के मामा सामने आए हैं. उन्होंने मामले में जांच कर रही एजेंसियों पर ही सवाल उठा दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग जो लोग मदद के लिए आगे आए थे उन्हें भी डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कई और गंभीर आरोप लगाए हैं.
'जांच के नाम पर किया जा रहा है परेशान'
मृतका के मामा ने आरोप लगाया कि मदद के लिए पहुंचे लोगों को जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगया कि जांच एजेंसियां रिश्तेदारों के भी टेस्ट कर दे रही हैं. मामा ने कहा कि आज परिवार के जिन सदस्यों को लाया गया है उनमें एक फुफेरा भाई भी शामिल था. अब तक परिवार के करीब 10 लोगों का डीएनए टेस्ट हो चुका है. मामा ने सवाल उठाते हुए कहा कि हम पूछते हैं कि अपराधियों को रिमांड पर क्यों नहीं लिया जा रहा? डॉक्टर डॉक्टर मनीष रंजन जेल में हैं. लेकिन उन्हें रिमांड पर लेने के बजाय परिवार वालों को परेशान किया जा रहा है. सारा घटनाक्रम वहीं हुआ है फिर भी कहा जा रहा है कि किस आधार पर कार्रवाई करें?
उन्होंने कहा कि अगर हमें ही अपराधी मानते हैं तो पूरे परिवार को जेल भेज दीजिए. लेकिन हम न्याय के लिए लड़ते रहेंगे. मामा ने आरोप लगाया कि एसआईटी की टीम दिन में तीन तीन बार परेशान करती है. कभी रात 11 बजे तो कभी 12 बजे प्रशासन पहुंच जाता है. घर में महिलाएं रहती हैं ऐसे में रात के समय इस तरह उठाकर ले जाना गलत है. अगर दिन में बुलाया जाए तो हम पूरा सहयोग करने को तैयार हैं.
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सीबीआई जांच के बाद ही मिलेगा न्याय - मामा
मामा ने दावा किया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि जब तक इसकी सीबीआई जांच नहीं होगी तब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा. मामा ने कहा कि शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया. फिर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आए. अब और कितना झूठ बोला जाएगा? डीएनए टेस्ट गलत नहीं है. लेकिन इस तरह मानसिक उत्पीड़न करना गलत है. जिन लोगों की जांच होनी चाहिए, उनकी जांच नहीं हो रही है. हॉस्टल मालिक और अन्य संदिग्धों की सीडीआर जांच क्यों नहीं की जा रही? हमारी बच्ची के लिए हम आखिरी दम तक लड़ेंगे.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि NEET एग्जाम की तैयारी करने वाला छात्रा 6 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी. इसके बाद छात्रा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां वो इलाज के दौरान कोमा में रही और 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. इसके बाद मामले में की जांच की जा रही है. इस दौरान हर दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं.
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