नहीं आउंगी भाई...छोड़ दो प्लीज...महिला पुलिस रोते हुए हाथ जोड़ती रही पर भीड़ नहीं मानी, कपड़े फाड़ किया अर्धनग्न

तमनार में आंदोलन का बेहद शर्मनाक रूप: महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ अर्धनग्न किया, वो रो-रोकर विनती करती रही. आंदोलनकारी उसे गंदी गालियां देते रहे और सरेआम खेते में कपड़े फाड़ते रहे. छत्तीसगढ़ की इस घटना से देश को किया शर्मसार.

महिला कॉन्सटेबल का वीडियो हो रहा वायरल
महिला कॉन्सटेबल का वीडियो हो रहा वायरल
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से ऐसा शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है जिसने सबको झकझोर दिया है. तमनार में कोयला खदान के विरोध में उतरी भीड़ और आंदोलन की आड़ में कुछ वहशी लोगों का असली चेहरा सामने आया है. भीड़ ने अपनी ड्यूटी निभा रही महिला आरक्षी के साथ ऐसी शर्मनाक हरकत की जिसने सारी सीमाएं लांघ दी. 

दौड़ाकर महिला को खेत में गिरा दिया. उसके कपड़े नोचने लगे. वो अपना आबरू बचाती रही. रो-रोकर उनको भाई कहती रही जो इज्जत तार-तार करने में लगे थे. ''छोड़ दो भाई...प्लीज...मैं अब नहीं आउंगी. मुझे यहां भेजा गया है.'' फफककर रो रही महिला एक हाथ से अपनी अस्मत बचा रही थी और दूजे हाथ से उन्हें रोकने की कोशिश करती रही. उसने खूब मिन्नतें की...वापस न आने की गुहार लगाई, अपनी अस्मत की रक्षा के लिए असहाय बैठी उन्हें भाई कहती रही...शासद इसलिए कि भाई कहने से दरिंदों का रूप ले चुके वे लोग पसीज जाएं, पर वे तो समाज के ताने-बाने और रिश्तों को कुचल देने में ही आंदोलन की सफलता ढूंढ रहे थे. महिला के विनती के जवाब में मिल रही थीं तो बस गालियां और दुत्कार....

बता दें कि यह घटना 27 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है. इस घटना से पहले एक हिंसक झड़प के दौरान एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को लात मारे जाने का भी वीडियो आया था. 

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देखें तस्वीर:

 

वीडियो वायरल होने के बाद तुरंत लिया गया एक्शन 

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि अभी हम बांकि फुटेज को भी बारिकी से देख रहे हैं और अन्य लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा. 

क्यों हो रहा प्रदर्शन 

ये विरोध प्रदर्शन 27 दिसंबर को जेपीएल कोयला खदान के खिलाफ किया जा रहा था. इस कोयला खदान से प्रभावित 14 गांवों के हजारों लोग 12 दिसंबर से ही धरने पर बैठे है. उनकी डिमांड पूरी नहीं होने पर उन्हीं गांववालों ने 27 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 9 बजे लिबरा चौक पर धरना देने लगें. 

इस दौरान उस चौक पर लगभग 300 से ज्यादा गांव वाले जमा हो गए और सड़क पर बैठकर गाड़ियों की आवाजाही को प्रभावित करने लगें. भीड़ को देखकर लगभग 10 बजे कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. उन्होंने वहां धरना दे रहे  लोगों को समझाने की कोशिश की. जिसके बाद कुछ देर तक तो माहौल शांत रहा लेकिन दोपहर तक, आसपास के गांवों से और लोग भी मौके पर पहुंचने लगे और भीड़ की संख्या और भी ज्यादा बढ़ गई. 

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