मंदसौर में घर में बर्थडे पर डांस करना पड़ा भारी, पड़ोसियों ने लगाया 'मुजरा' का आरोप तो पुलिस ने भेजा जेल

MP Viral Video: मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां महिला के जन्मदिन पर घर के अंदर डांस करना उसके पति और दोस्तों को भारी पड़ गया. पड़ोसियों ने ‘मुजरा’ का आरोप लगाकर पुलिस बुला ली, जिसके बाद शांति भंग की आशंका में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोगों को जेल भेज दिया. जानिए पूरा मामला.

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बर्थडे पार्टी में डांस करने पड़ा भारी(फोटो- स्क्रीनग्रैब)
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मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से पुलिसिया कार्रवाई का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां एक महिला को अपने ही घर के अंदर जन्मदिन पर डांस करना इतना भारी पड़ गया कि पुलिस ने उसके पति और दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. घटना सामने आने के बाद मानिए बवाल मचा हुआ और लोग अपने अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहें है. आइए विस्तार से जानते है इस मामले की पूरी कहानी.

बंद कमरे में हो रहा था डांस

मामला मंदसौर के दलौदा इलाके का है. यहां एक घर में महिला का जन्मदिन मनाया जा रहा था. जन्मदिन की खुशी में घर के अंदर गाने बज रहे थे और कुछ दोस्त व परिवार के सदस्य डांस कर रहे थे. इसी बीच पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी कि घर में तेज आवाज में गाने बज रहे हैं और 'मुजरा' चल रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर मौजूद सभी लोगों को थाने ले गई.

पुलिस का तर्क: शांति भंग की आशंका

पुलिस का कहना है कि रहवासी इलाके में तेज शोरगुल और गानों की वजह से जनता को परेशानी हो रही थी. पुलिस के मुताबिक, मुजरा होने की शिकायत गलत थी, वहां जन्मदिन की पार्टी ही चल रही थी. लेकिन शांति भंग की आशंका के चलते पुलिस ने महिला के पति और उसके दोस्तों पर धारा 151 (प्रतिबंधात्मक कार्रवाई) के तहत केस दर्ज किया और उन्हें जेल भेज दिया. हालांकि, महिला और मकान मालिक को नसीहत देकर छोड़ दिया गया.

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पड़ोसी ने छुपकर बनाया वीडियो

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घर के अंदर हो रहे डांस का वीडियो किसी पड़ोसी ने छुपकर रिकॉर्ड किया और उसे वायरल कर दिया. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी के निजी जीवन में इस तरह ताक-झांक करना सही है? साथ ही, क्या मंदसौर पुलिस उस व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी जिसने चोरी-छुपे वीडियो बनाया?

कानून के जानकारों ने पुलिस को घेरा

वकीलों का मानना है कि पुलिस की यह कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है. कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, अपने घर में सेलिब्रेशन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. यदि शोरगुल से परेशानी थी, तो पुलिस म्यूजिक सिस्टम जब्त कर सकती थी या चेतावनी दे सकती थी, लेकिन सीधे जेल भेजना उचित नहीं है. वकील का कहना है कि अगर पीड़ित पक्ष चाहे, तो पुलिस और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ मानहानि का दावा भी कर सकता है. मध्य प्रदेश पुलिस की इस 'अति-सक्रियता' ने अब एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या अब घर के अंदर खुशियां मनाना भी अपराध की श्रेणी में आएगा?

यहां देखें वीडियो

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