MP के भिंड में साधुओं से पूछा भगवान शंकर की पत्नी का नाम, नहीं मिला जवाब नहीं तो बेरहमी से पीटा; वीडियो वायरल
Bhind viral video: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से सामने आए वायरल वीडियो ने सभी को झकझोर दिया है. दो बुजुर्ग साधुओं से भगवान शंकर की पत्नी का नाम पूछकर जवाब न मिलने पर युवकों ने बेरहमी से मारपीट की. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है. जानिए पूरा मामला, वीडियो की सच्चाई और प्रशासन का बयान.

मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक हैरान करने वाला और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है. यहां भिक्षा मांग रहे दो बुजुर्ग साधुओं को कुछ युवकों ने सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीट दिया क्योंकि वे उनके द्वारा पूछे गए धार्मिक सवालों के जवाब नहीं दे सके. फिलहाल इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे है. आइए विस्तार से जानते हैं इस वायरल वीडियो की पूरी कहानी और पुलिस ने क्या-कुछ बताया.
क्या है पूरा मामला?
घटना भिंड के बाईपास रोड की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक, जो खुद को ब्राह्मण बता रहे हैं, दो बुजुर्ग भिक्षुकों को रोकते हैं. युवकों को शक था कि ये साधु हिंदू नहीं हैं. अपनी शंका दूर करने के लिए उन्होंने साधुओं का आधार कार्ड मांगा और उनसे धार्मिक टेस्ट लेना शुरू कर दिया.
"शंकर जी की पत्नी का नाम बताओ..."
युवकों ने साधुओं से महाभारत के किसी एक पात्र का नाम, रामायण की चौपाई और लक्ष्मण जी की पत्नी का नाम पूछा. जब डरे-सहमे बुजुर्ग साधु इन सवालों के जवाब नहीं दे पाए और भगवान शंकर की पत्नी का नाम भी नहीं बता सके, तो युवकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. इसके बाद युवकों ने न केवल उनके बैग की तलाशी ली, बल्कि उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार भी किया.
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1-2 महीने पुराना है वीडियो
पुलिस के मुताबिक, यह वायरल वीडियो करीब एक से डेढ़ महीने पुराना है. जांच में प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि पीड़ित साधु पंजाब के रहने वाले हैं. हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
पुलिस की कार्रवाई
थाना देहात पुलिस का कहना है कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भले ही शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि जांच में मारपीट और प्रताड़ना की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं कि अगर युवकों को कोई शक था, तो उन्हें कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी.










