नीतीश के BJP संग जाने पर बिहार में होगा क्या असर, कितनी सीट आएंगी? प्रशांत किशोर ने सब बताया

अभिषेक गुप्ता

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Prashant Kishor: बिहार में नीतीश कुमार ने विपक्ष के महागठबंधन का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से मिलकर नई सरकार बनाई है. नीतीश कुमार कुछ दिनों पहले तक विपक्ष के उस इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के सूत्रधार समझे जाते थे, जिसे केंद्र की मोदी सरकार को हराने के लिए तैयार किया गया है. अब नीतीश खुद मोदी सरकार के पाले में हैं, तो इससे बिहार की सियासत पर क्या असर पड़ेगा? क्या बिहार में एनडीए की राह आसान हो गई? नीतीश कुमार को कितनी सीटें मिलेंगी? ऐसे ढेरों सवालों का जवाब दिया है मशहूर चुनावी रणनीतिकार और बिहार में जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने. उन्होंने हमारे सहयोगी चैनल आजतक को एक इंटरव्यू दिया है. इस बात-चीत में उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राजनैतिक भविष्य, आने वाले लोकसभा चुनाव और 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों पर तफ्सील से बात की है.

पेश है प्रशांत किशोर से हुई बातचीत के संक्षिप्त अंश…

2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में बीजेपी के NDA गठबंधन को 40 में से 39 सीटें मिली थीं. इस बार के चुनाव में प्रदर्शन क्या रह सकता है? प्रशांत किशोर इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि, ‘बिल्कुल बीजेपी को बड़ी बढ़त होगी. पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर और विकल्प के अभाव में भाजपा की ताकत में बड़ी बढ़त होगी. बिहार में एक बड़ी आबादी है जो लालू यादव की पार्टी राजद को वोट नहीं करना चाहती है. उनके 20 साल के शासन में जो जंगलराज रहा जनता उससे बहुत खफा है. अगर बात भाजपा के बढ़त की करें, तो बिहार में बीजेपी को बड़ी बढ़त है. नीतीश उसके साथ हो तब भी और न भी होते तब भी.’

बिहार में सबको पलटु मार बना दिया है नीतीश कुमार ने: प्रशांत किशोर

पिछले पांच सालों में नीतीश कुमार बार-बार पाला बदल बीजेपी और आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बनाते दिखे हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि, ‘बिहार में बस नीतीश कुमार ही अकेले नहीं पलट रहे हैं. उनके साथ बीजेपी और आरजेडी भी पलट रहे हैं. आप सबको अमित शाह जी का बयान याद ही होगा जिसमें वो बिहार की जनता से कहते हैं कि, अब कभी नीतीश कुमार को अपने साथ नहीं लेंगे, फिर भी वो आज उनके साथ चले गए. बात ये है कि, नीतीश कुमार पिछले पांच सालों में पलट-पलट कर इतना पलटे हैं कि, सबको पलटु मार बना दिया है. अब बिहार की जनता के लिए प्रदेश में किसी भी दल में कोई अंतर नहीं बचा है, चाहे वो बीजेपी, आरजेडी और जेडीयू में से किसी को भी देखे.’

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प्रशांत किशोर आगे कहते हैं कि, ‘नीतीश कुमार बिहार में इस त्रिशंकु परिस्थिति का फायदा उठा रहे हैं. 2020 के चुनाव में जनता ने बीजेपी और नीतीश कुमार के गठबंधन को मैंडेट दिया था, लेकिन दो साल के बाद वो भाग खड़े हुए. अगर मैं नीतीश कुमार पर साफ शब्दों में कहूं, तो वो प्रदेश में बिना शर्म के राजनैतिक धूर्तता कर रहे हैं.’

‘नीतीश के बहाने INDIA अलायंस को तोड़ना चाहती है बीजेपी’

प्रशांत किशोर ने आगे कहा, ‘अगर नीतीश कुमार NDA गठबंधन में नहीं भी आते, तब भी बिहार में NDA को बड़ी बढ़त थी. मेरा ये मानना है कि, कुछ ज्यादा फायदा न होने के बावजूद भी बीजेपी के नीतीश कुमार को अपने गठबंधन में शामिल करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य विपक्ष के INDIA अलायंस को चुनाव से पहले बिल्कुल तहस-नहस करना है. अगर इस कदम से बिहार में बीजेपी को कोई नुकसान भी होता है, तो वो सहन कर लेगी क्योंकि INDIA अलायंस में फूट से देश के स्तर पर उसे बड़ा फायदा मिलने वाला है.’

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प्रशांत किशोर कहते हैं कि, ‘मुझे ऐसा लगता है कि, नीतीश और बीजेपी का ये गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद अपने अस्तित्व में नहीं रहेगा, यानी अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव तक नहीं चल पाएगा.’ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी है.

उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव के बाद अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले या फिर चाहे किसी भी दल के साथ मिलकर चुनाव क्यों ही न लड़ें, उन्हें 20 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी. उन्होंने कहा कि, अगर मेरी बात गलत साबित होती है, तो मैं अपने काम से संन्यास ले लूंगा.

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पूरा इंटरव्यू यहां नीचे देखें

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