BJP सांसद कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें, अब इस मामले में UP के आगरा की कोर्ट में चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत के खिलाफ अब राजद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाने की तैयारी है. दरअसल, उन पर 26 अगस्त 2024 को एक इंटरव्यू में किसानों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आराेप है. इस मामले में आगरा के स्पेशल जज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कंगना के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया.

BJP MP Kangana Ranaut may face more troubles
भाजपा सांसद कंगना रनौत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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फिल्म अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. उनके खिलाफ किसानों के अपमान और राजद्रोह के आरोपों पर अब मुकदमा चलाने की तैयारी है. दरअसल, उत्तर प्रदेश में आगरा के स्पेशल जज एमपी-एमएलए लोकेश कुमार की कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कंगना के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया.

कोर्ट ने कहा कि जिस निचली अदालत ने पहले कंगना के खिलाफ केस को खारिज किया था, अब उसी कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी. इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए बताया कि अब कंगना पर आईपीसी की धारा 356 और 152 के तहत केस चलेगा.

क्या है मामला?

दरअसल, अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को कंगना रनौत के खिलाफ राजद्रोह की याचिका दायर की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना ने 26 अगस्त 2024 को एक इंटरव्यू में किसानों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी. रमाशंकर शर्मा का कहना था कि इससे लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं.

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उन्होंने बताया कि वे खुद किसान परिवार से आते हैं और 30 साल तक खेती-किसानी कर चुके हैं. रमाशंकर ने कहा कि कंगना के बयान ने किसानों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति सम्मान को ठेस पहुंचाई है. उन्होंने कहा कि कंगना के इस बयान से देशभर के किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं.

 पत्र भेजकर की थी कार्रवाई की मांग

आपको बता दें कि शिकायतकर्ता ने 31 अगस्त को पुलिस कमिश्नर और थाना न्यू आगरा को भी एक पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी. शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त को उन्होंने समाचार पत्रों में वो बयान पढ़ा थी जिसमें कंगना ने कहा था कि “अगस्त 2020 से दिसंबर 2021 तक किसान काले कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर बैठे थे. उस दौरान रेप और मर्डर हुए. अगर देश का नेतृत्व मजबूत न होता तो देश के हालात बांग्लादेश जैसे हो जाते.” शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान का अर्थ किसानों को हत्यारा, बलात्कारी, आतंकवादी और उग्रवादी बताना है. मामले की अब फिर से सुनवाई होने के बाद  कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अब अब कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को करेगा.

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