UP Panchayat Election Date: यूपी पंचायत चुनाव पर मंडराया संकट! क्या टल जाएगी प्रधानी? ओम प्रकाश राजभर ने तारीखों पर दिया बड़ा अपडेट

UP Pradhan Chunav Date: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. एक तरफ जहां संभावित उम्मीदवार प्रचार में पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर चुनाव टलने की चर्चाएं तेज हैं. यूजीसी नियमों और प्रयागराज विवाद के बीच क्या सरकार चुनाव कराएगी? जानिए कैबिनेट मंत्री राजभर का जवाब.

UP Panchayat Election 2026
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UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि गांव की सरकार यानी पंचायत चुनाव कब होंगे? पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक हर नुक्कड़ और चाय की दुकान पर बस यही चर्चा है कि क्या प्रधानी के चुनाव टल जाएंगे? इस बीच पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का एक अहम बयान सामने आया है जिसने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में कई बड़े घटनाक्रम हुए हैं.

प्रयागराज में शंकराचार्य और प्रशासन के बीच हुए विवाद के बाद कई अधिकारियों के इस्तीफे और यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर बीजेपी के कोर वोटर की नाराजगी ने माहौल को गर्मा दिया है. सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि इस मौजूदा तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सरकार पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद तक टाल सकती है.

मंत्री राजभर का रुख और तारीखें

इन तमाम अटकलों के बीच कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया है कि चुनाव समय पर ही होंगे. राजभर के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकेत दिए हैं कि वर्तमान में अधिकारी अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में व्यस्त हैं. लेकिन पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाएगी. राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनाव की संभावित समयसीमा अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच हो सकती है. इसमें ग्राम प्रधान, बीडीसी (BDC) और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए वोट डाले जाएंगे.

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आरक्षण सूची का बेसब्री से इंतजार

चुनाव की तारीखों से ज्यादा उम्मीदवारों की धड़कनें 'आरक्षण सूची' को लेकर बढ़ी हुई हैं. अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि कौन सी सीट किस वर्ग (SC/ST, OBC या सामान्य) के लिए आरक्षित होगी. उम्मीदवार अपनी-अपनी गोटी फिट करने में लगे हैं और गुणा-गणित लगा रहे हैं कि उनकी सीट उनकी पसंद के वर्ग में आ जाए.

तैयारी में जुटी पार्टियां

भले ही सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना में अभी समय है, लेकिन समाजवादी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी तेज कर दी है. संभावित उम्मीदवार पोस्टर-बैनर लगवा चुके हैं और जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में जुटे हैं. हालांकि, चुनाव टलने की अफवाहों ने उन उम्मीदवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं जो अब तक चुनाव प्रचार में लाखों रुपये खर्च कर चुके हैं.

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