Charchit Chehra: कबाड़ की दुकान से शुरुआत कर अनिल अग्रवाल ने खड़ा किया एंपायर, बेटे अग्निवेश को खोने के बाद बताया 75% वाले हिस्से की बात
Anil Agarwal Success Story: टिफिन बॉक्स लेकर पटना से मुंबई पहुंचे अनिल अग्रवाल ने कबाड़ के बिजनेस से शुरुआत कर वेदांता जैसा 35 हजार करोड़ का एंपायर खड़ा किया. बिना कॉलेज डिग्री और कमजोर अंग्रेजी के बावजूद उन्होंने भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में अपनी जगह बनाई. बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद उनका 75% संपत्ति समाज को लौटाने का संकल्प चर्चा में है. चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में जानिए पूरी कहानी.
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अग्निवेश के जाने के बाद टूटा अनिल परिवार
Anil Agarwal Success Story: एक टिफिन बॉक्स के साथ पटना से सपनों की नगरी मुंबई आकर एक 20 साल के लड़के ने अपने उन सभी सपनों को साकार किया, जो लोगों के लिए कर पाना सोच से भी परे होता है. इतना सब कर लेना हर किसी के बस की बात नहीं, वो भी तब जब आपने कभी कॉलेज की शक्ल न देखी हो, ठीक से इंग्लिश बोलनी न आती हो. लेकिन इसके बावजूद वेदांता रिसोर्सेज जैसा एंपायर खड़ा कर दिया. ये शख्स कोई और नहीं देश के सबसे बड़े अमीरों की लिस्ट में शुमार अनिल अग्रवाल हैं, जिन्होंने शुरूआत स्क्रैप मेटल यानी कबाड़ के बिजनेस से की, फिर अपनी मेहनत से बुलंदियों को छुआ और हजारों करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी.
