क्या है रीजनल कांग्रेस? दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने क्यों उठाई इसे बनाने की मांग, देखें वीडियो
मध्य प्रदेश की राजनीति में लक्ष्मण सिंह के बयानों ने फिर हलचल पैदा कर दी है. राजगढ़ पहुंचे पूर्व सांसद ने कांग्रेस से निष्कासन के बावजूद खुद को सच्चा कांग्रेसी बताया. उन्होंने इंदौर की सफाई, प्रदेश के बढ़ते कर्ज और कांग्रेस आलाकमान की रणनीतियों पर बेबाकी से अपनी राय रखी.

मध्य प्रदेश की राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दरअसल, हाल ही में राजगढ़ दौरे पर आए लक्ष्मण सिंह ने 'एमपी तक' से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी हालात और प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. हालांकि कांग्रेस ने फिलहाल उन्हें पार्टी से सस्पेंड किया हुआ है, लेकिन बातचीत में उन्होंने कहा कि वे मन में आज भी कांग्रेसी हैं और पार्टी को मजबूत करने के लिए ही उसकी गलतियों को उजागर कर रहे हैं.
इस दौरान लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस की लगातार हार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुन पा रहा है. उन्होंने एक सुझाव देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी रीजनल कांग्रेस की जरूरत है. उन्होंने तर्क दिया कि कई राज्यों में दो कांग्रेस होने के बावजूद वे आपस में नहीं लड़तीं बल्कि पार्टी को मजबूत करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे लोगों को राज्यसभा भेजती रही जो एक नगर पालिका चुनाव तक नहीं जीत सकते थे और बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए.
भ्रष्टाचार और 4 लाख करोड़ का कर्ज
लक्ष्मण सिंह ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश पर आज 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है. उन्होंने भाजपा सरकार के फाइनेंशियल मैनेजमेंट को फेल बताया. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यहां विकास तो हुआ है लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार भी हुआ है. उन्होंने मांग कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसे साथ ही उन्होंने पुलिस कमिश्नर प्रणाली को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि पुलिस को जुडिशियल पावर देना प्रजातंत्र की नींव के खिलाफ है.
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इंदौर की सफाई के पीछे का सच
इंदौर के सफाई में नंबर वन आने पर उन्होंने कहा कि ऊपर से सफाई दिखती है, लेकिन जमीन के नीचे दूषित पानी से लोगों की मौत हो रही है. उन्होंने नगर निगमों के दलीय आधार पर चुनाव कराने का विरोध किया और कहा कि राजनीति के कारण ही सिस्टम खराब हुआ है. पहले पार्षद निर्विरोध चुने जाते थे जिससे जनसेवा पर ध्यान रहता था. लेकिन अब केवल राजनीतिक खींचतान होती है.
ईवीएम नहीं, ये है हार की वजह
अक्सर कांग्रेस नेता अपनी हार के लिए EVM को दोष देते हैं, लेकिन लक्ष्मण सिंह ने अपने भाई दिग्विजय सिंह से अलग राय रखी. उन्होंने साफ कहा कि ईवीएम को पूरी तरह दोष देना गलत है. कांग्रेस की हार का मुख्य कारण यह है कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से नहीं उठा पाई और आपसी मतभेदों को सुलझाने में नाकाम रही.
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