धार भोजशाला में कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज: पुलिस ने गुप्त तरीके से नमाजियों को पहुंचाया अंदर, पूरा इलाका छावनी में तब्दील

Dhar Bhojshala case: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर (कमाल मौला मस्जिद) में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा कराई गई. किसी भी विवाद या टकराव से बचने के लिए पुलिस ने नमाजियों को बेहद गुप्त तरीके से अंदर पहुंचाया.जानिए प्रशासन की जीरो रिस्क रणनीति और पूरी घटना का विवरण.

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धार भोजशाला
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मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर (कमाल मौला मस्जिद) में आज शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की गई. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में और किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए, प्रशासन ने नमाजियों को बेहद गोपनीय तरीके से परिसर के भीतर पहुंचाया. सुरक्षा के लिहाज़ से पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

गुप्त तरीके से पहुंचाए गए नमाजी

धार प्रशासन और पुलिस ने नमाजियों को अंदर ले जाने की योजना को पूरी तरह गुप्त रखा था. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने नमाज़ियों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए छह अलग-अलग प्लान तैयार किए थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं. टकराव की स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने किसी को भनक भी नहीं लगने दी कि कब और किस रास्ते से नमाजियों को भीतर ले जाया गया.

सांकेतिक रूप से अदा की गई नमाज

भोजशाला परिसर के भीतर बेहद सीमित संख्या में नमाजियों को जाने की अनुमति दी गई. यहां नमाज मुख्य रूप से सांकेतिक रूप से अदा की गई. सुप्रीम कोर्ट ने नमाज के लिए दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक का समय निर्धारित किया था, जिसका प्रशासन ने सख्ती से पालन कराया.

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चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

नमाज के दौरान सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त रहे. पुलिस के घुड़सवार दस्ते और भारी संख्या में सशस्त्र बल पूरे इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं. परिसर के बाहरी हिस्सों में किसी भी प्रकार की भीड़ को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी गई. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंदर इबादत के दौरान बाहर कोई हंगामा या विवाद न हो.

प्रशासन की 'जीरो रिस्क' नीति

भोजशाला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का आलम यह है कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और पुलिसकर्मियों की नजर है. प्रशासन ने इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है कि नमाजियों को किस रास्ते से बाहर निकाला जाएगा. पुलिस की इस जीरो रिस्क नीति के चलते फिलहाल धार में शांति बनी हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

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