UAPA के तहत कश्मीरी अलगाववादी संगठन ‘तहरीक-ए-हुर्रियत’ गैरकानूनी घोषित, क्या करती थी ये?
‘तहरीक-ए-हुर्रियत’ के सदस्य देश में आतंक का शासन स्थापित करने के इरादे से आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने में शामिल रहे हैं, जो देश की अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए हानिकारक है.
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Tehreek-e-Hurriyat: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के एक संगठन ‘तहरीक-ए-हुर्रियत’ को पांच साल के लिए गैरकानूनी घोषित कर दिया है. तहरीक-ए-हुर्रियत पर यह कठोर कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट (UAPA) के तहत रविवार को की गई. इस संगठन को भारत में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है.