Exclusive: भोजपुरी स्टार रितेश पांडे ने क्यों छोड़ी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी? खुद बताई इसके पीछे की असली वजह
Ritesh Pandey news: भोजपुरी स्टार रितेश पांडे ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी क्यों छोड़ी? राजनीति से दूरी बनाने के पीछे क्या है असली वजह, नारायणी महोत्सव में विरोध पर क्या बोले, बीजेपी में जाने की अटकलों पर क्या कहा और क्यों खुद को एक कलाकार के रूप में तटस्थ रखना चाहते हैं... जानिए सारे सवालों के जवाब एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में.

भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज गायक और अभिनेता रितेश पांडे इन दिनों चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था. अब रितेश पांडे ने पहली बार कैमरे के सामने आकर यह साफ किया है कि आखिर उन्होंने राजनीति की पिच को छोड़कर फिर से पूरी तरह कला की दुनिया में लौटने का फैसला क्यों किया. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
क्यों छोड़ी राजनीति?
गोपालगंज में आयोजित 'नारायणी महोत्सव' में हिस्सा लेने पहुंचे रितेश पांडे ने बिहार तक से खास बातचीत में कहा कि वह एक गरीब किसान परिवार से निकलकर आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, वह सिर्फ अपनी कला और जनता के प्यार की बदौलत है. उन्होंने बताया, 'चुनाव के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि एक कलाकार के तौर पर मुझे किसी एक विचारधारा या दल से बंधने के बजाय न्यूट्रल (तटस्थ) रहना चाहिए.'
रितेश पांडे ने आगे कहा कि उन्हें हर जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा के लोगों ने प्यार दिया है. ऐसे में किसी एक राजनीतिक दल का हिस्सा बनने से वह खुद को एक दायरे में बंधा हुआ महसूस कर रहे थे. इसी वजह से उन्होंने जन सुराज का साथ छोड़ने का फैसला किया.
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विरोध करने वालों को दिया करारा जवाब
नारायणी महोत्सव में रितेश की भागीदारी को लेकर कुछ राजनीतिक दलों (जदयू और हम) के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया था. उनका तर्क था कि जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को सरकारी महोत्सव में क्यों बुलाया गया. इस पर पलटवार करते हुए रितेश ने कहा, 'मैं सबसे पहले एक कलाकार हूं. अगर मुझे लगा कि कोई बंधन मुझे रोक रहा है, तो मैंने उसे तोड़ दिया. अब इस तरह की बातें नहीं उठनी चाहिए, क्योंकि कलाकार किसी दल की जागीर नहीं होता.
क्या है भविष्य का प्लान?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पवन सिंह या रवि किशन की तरह बीजेपी का दामन थामेंगे, तो उन्होंने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया. रितेश ने कहा, 'मैं भविष्य की बहुत लंबी योजनाएं नहीं बनाता. वर्तमान में जो सही लगा, वह मैंने किया. भविष्य क्या होगा, यह कोई नहीं जानता. अभी मेरा पूरा ध्यान अपनी गायकी और अभिनय पर है.'
भोजपुरी भाषा पर गर्व
रितेश पांडे ने भोजपुरी भाषा की तरक्की पर भी खुशी जताई. उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में करीब 30 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते और समझते हैं. डिजिटलाइजेशन के आने से भोजपुरी इंडस्ट्री का रेवेन्यू और पहुंच दोनों बढ़े हैं. उन्होंने महोत्सव की शुरुआत मां भगवती की स्तुति 'विश्वास करा तू मैया पे...' गाकर की.
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