शंकराचार्य विवाद पर भड़के अनिरुद्धाचार्य, प्रशासन को दी सख्त चेतावनी- बटुकों का अपमान बर्दाश्त नहीं, तुरंत मांगें माफी!

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच तनाव चरम पर है. इसी बीच मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने बटुकों के साथ हुए दुर्व्यवहार को अक्षम्य अपराध बताते हुए कहा कि प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए, ताकि सनातन का नुकसान न हो.

Aniruddhacharya Maharaj (फाइल फोटो)
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प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में मचे घमासान के बीच अब संतों की नाराजगी फूट पड़ी है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में हुए हंगामे और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर पूरे देश के संत समाज में रोष है. इस गंभीर मसले पर लोकप्रिय कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह से पुलिस ने बटुकों की चोटी पकड़ी और उनके साथ बदसलूकी की वो सनातन धर्म का अपमान है. अनिरुद्धाचार्य ने प्रशासन से तुरंत माफी की मांग की है और साथ ही शंकराचार्य से भी विवाद समाप्त करने का आग्रह किया है.

अनिरुद्धाचार्य ने 'एमपी तक' से बातचीत में प्रयागराज की घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जिस तरह से बटुकों के साथ व्यवहार किया वो निंदनीय है. उन्होंने कहा कि किसी बटुक के बाल खींचना या उसकी शिखा (चोटी) पकड़ना सिर्फ अपमान नहीं बल्कि एक अपराध है. अनिरुद्धाचार्य ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को अपनी इस गलती के लिए शंकराचार्य और बटुकों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.

विवाद को सनातन धर्म के लिए बताया खतरा 

अनिरुद्धाचार्य ने दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस विवाद को सनातन धर्म के लिए खतरा बताया. उन्होंने कहा कि आपसी खींचतान से धर्म को नुकसान हो रहा है. उन्होंने प्रशासन से तालमेल बिठाने की अपील की और साथ ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से भी निवेदन किया कि वे प्रशासन को क्षमा कर स्नान संपन्न करें.

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शंकराचार्य के शिविर में लगाए नारे 

गौरतलब है कि शनिवार रात शंकराचार्य के शिविर में 'कट्टर सनातनी सिन्हा' नाम के संगठन के 8-10 युवक भगवा झंडा लेकर घुस आए थे. ये युवक 'आई लव बुलडोजर बाबा' के नारे लगा रहे थे. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन द्वारा प्लान किया गया था. उन्होंने बताया कि उन युवकों के पास धारदार हथियार और पिस्टल भी थी. शंकराचार्य ने कहा, "हमने पहले ही सीसीटीवी लगवा दिए थे, इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं कर सके." उन्होंने आगे कहा कि जो लोग हमें मारना चाहते हैं, हम उनसे सुरक्षा की भीख नहीं मांगेंगे, हमारी रक्षा ईश्वर और सनातन धर्मी करेंगे.

धक्का-मुक्की के बाद माहौल तनावपूर्ण

पिछले सात दिनों से जारी इस विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है. युवकों द्वारा शिविर में घुसने की कोशिश और धक्का-मुक्की के बाद माहौल तनावपूर्ण है. अनिरुद्धाचार्य महाराज की इस प्रतिक्रिया ने मामले को और तूल दे दिया है. संत समाज का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते माफी नहीं मांगी और समाधान नहीं निकाला तो यह विरोध देशव्यापी हो सकता है. फिलहाल, प्रयागराज पुलिस ने कल्पवासी थाने में सुरक्षा की मांग और हंगामे की शिकायत दर्ज की है लेकिन शंकराचार्य के शिष्यों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है.

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